गौतमबुद्ध प्राविधिक विश्वविद्यालय (जीबीटीयू) अब इंजीनियरिंग कॉलेजों को
प्रश्न-पत्र छपवाकर नहीं भेजेगा।
अब कॉलेजों को ऑनलाइन प्रश्न-पत्र उपलब्ध
करवाने की तैयारी की जा रही है। परीक्षा केंद्र पर केंद्र व्यवस्थापक
परीक्षा शुरू होने से 15 मिनट पहले अपने लॉग-इन और पासवर्ड से प्रश्न-पत्र
का प्रिंटआउट निकाल सकेगा।
यही नहीं, छात्रों की संख्या के अनुसार
प्रश्न-पत्र के कितने प्रिंटआउट निकाले जाने हैं, इसका ऑनलाइन कमांड भी
जीबीटीयू देगा। जीबीटीयू द्वारा सर्वर पर निर्धारित संख्या से ज्यादा
प्रिंटआउट निकालने की व्यवस्था ही नहीं होगी।
यह प्रक्रिया पूरी तरह
पारदर्शी होगी और इसमें किसी भी तरह की गड़बड़ी की गुंजाइश नहीं होगी। इस
व्यवस्था से प्रश्न-पत्र छपवाने का झंझट खत्म होगा और कागज की बचत होगी।
जीबीटीयू
के प्रतिकुलपति प्रो. दिवाकर सिंह यादव कहते हैं कि इस व्यवस्था से पर्चा
लीक होने की गुंजाइश पूरी तरह खत्म हो जाएगी। इतना ही नहीं, अगर किसी विषय
के प्रश्न-पत्र में कुछ गड़बड़ी होगी और उसे बदलना होगा तो भी ये काम फटाफट
हो जाएगा।
केंद्र व्यवस्थापक को जीबीटीयू की ओर से दूसरा प्रश्न-पत्र
निकालने को कहा जाएगा और वह अपने लॉग-इन व पासवर्ड से तुरंत प्रश्न-पत्र के
प्रिंटआउट निकालकर छात्रों को बांट देगा।
प्रो. यादव कहते हैं कि प्रवेश
प्रक्रिया का काम अब पूरा हो गया है। अब जीबीटीयू प्रशासन ऑनलाइन
प्रश्न-पत्र की व्यवस्था के पुख्ता इंतजाम करने में जुटेगा।
प्रो. यादव
कहते हैं कि यह पूरा सिस्टम बिल्कुल उसी तरह होगा जैसे स्टूडेंट अपना
ऑनलाइन रिजल्ट देखकर उसका प्रिंटआउट निकालते हैं। इसमें बस अंतर यह होगा कि
परीक्षा केंद्र पर तैनात पर्यवेक्षक अपने लॉग-इन आईडी और पासवर्ड से
प्रश्न-पत्र निकालेंगे।
जीबीटीयू का परीक्षा विभाग एक्सपर्ट शिक्षकों की
टीम भी बनाएगा ताकि परीक्षा केंद्र पर प्रश्न-पत्र निकालते समय किसी भी तरह
की कोई गड़बड़ी न हो।