पंजाब यूनिवर्सिटी (पीयू) कैंपस में पिछले महीने भर में छात्र गुटों में खूनी खेल को लेकर पीयू प्रशासन ही नहीं पुलिस भी सकते में है। शुक्रवार को पीयू कैंपस में हिंसक वारदात से चिंतित एसएसपी ने सभी छात्र संगठनों को इस साल छात्र काउंसिल चुनाव रद्द करने तक की चेतावनी दे डाली। साथ ही हिंसक वारदात में शामिल छात्र नेताओं पर कड़ी कार्रवाई की बात भी कही है।
मारपीट और हुडदंग से दूर रहे तो बेहतर
पीयू में छात्र काउंसिल चुनाव से पहले कैंपस के बिगड़ रहे माहौल को लेकर पीयू कुलपति प्रो. अरुण कुमार ग्रोवर की अध्यक्षता में बैठक हुई।
इसमें एसएसपी सुखचैन सिंह गिल, डीएसडब्ल्यू प्रो. नवदीप गोयल, चीफ सिक्योरटी अफसर डॉ. जितेंद्र ग्रोवर, पीयू स्टूडेंट काउंसिल के पूर्व प्रेसिडेंट चंदन राणा सहित सभी छात्र संगठनों के प्रतिनिधि शामिल हुए।
बैठक में एसएसपी ने कड़ा रुख अपनाते हुए छात्र नेताओं को बताया कि पिछले साल सिर्फ सात छात्र नेताओं के खिलाफ एफआईआर दर्ज हुई थी, जबकि अभी तक चुनाव से पहले ही नौ मामले दर्ज हो चुके हैं।
एसएसपी ने कहा कि कैंपस में चल रही गुंडागर्दी से पूरे शहर का माहौल खराब होता है। उन्होंने छात्र नेताओं को मारपीट और हुड़दंग से दूर रहने की सलाह दी।
हिंसा फैलाने वालों की बन रही लिस्ट
एसएफआई छात्र नेता प्रभप्रीत ने एसएसपी के सामने कैंपस में आउटसाइडर और क्रिमिनल छात्र नेताओं की एंट्री पर बैन लगाने की बात कही। इस पर एसएसपी ने बताया कि पुलिस सभी आपराधिक रिकार्ड और छवि वाले छात्र नेताओं की लिस्ट तैयार कर रही है। ऐसे नेताओं की पीयू कैंपस में एंट्री बैन कर दी जाएगी। जरूरत पड़ी तो चुनाव में उन्हें पुलिस निगरानी में भी रख सकती है।
वार्डन और पुलिस मिलकर पकड़ेगी आउटसाइडर
मीटिंग में कई छात्र नेताओं के सुझाव पर हॉस्टल वार्डन और पुलिस अधिकारियों की एक संयुक्त कमेटी तैयार करने पर फैसला हुआ। यह कमेटी कैंपस में आउटसाइडर को रोकने की प्लानिंग तैयार करेगी। पीयू हॉस्टल में पूरी कमेटी की मौजूदगी में ही चुनाव में रेड मारी जाएगी। कैंपस के हॉस्टल में आउटसाइडर की एंट्री बैन की जाएगी।
पोस्टर लगाए तो खैर नहीं
मीटिंग में एसएसपी सुखचैन सिंह गिल ने कॉलेज चुनाव के दौरान लगाए जाने वाले पोस्टरों पर सख्त आपत्ति जताई। उन्होंने कड़ा रुख दिखाते हुए सभी छात्र नेताओं से कहा कि पोस्टर से पीयू या शहर को गंदा करने वाले छात्र नेताओं पर पुलिस तुरंत मुकदमा दर्ज करेगी।
एक अक्टूबर को चुनाव की संभावना
छात्र संगठनों की बैठक में छात्र काउंसिल चुनाव की तिथि पर एसएसपी और वीसी ने पत्ते नहीं खोले, लेकिन पीयू प्रशासन की ओर से तैयार रणनीति के तहत ऑटम ब्रेक से पहले एक अक्तूबर को चुनाव कराए जा सकते हैं।
उधर, पीयू के सभी छात्र संगठन सितंबर पहले हफ्ते में चुनाव कराने की मांग कर रहे हैं। पिछले साल चार सितंबर को छात्र काउंसिल चुनाव की वोटिंग हुई थी।