दाखिले की भागदौड़ के बीच शिक्षा विभाग ने चंडीगढ़ के प्राइवेट और कॉन्वेंट स्कूलों के लिए बड़ा ही सख्त फरमान जारी किया है।
शिक्षा विभाग ने इस बार इकोनॉमिकल वीकर सेक्शन (ईडब्ल्यूएस) कैटेगरी में दाखिला नहीं देने वाले स्कूलों पर सख्त कार्रवाई की तैयारी कर ली है। लेकिन शिक्षा विभाग ने अगले सत्र के लिए होने वाले ईडब्ल्यूएस कोटे के लिए अब तक चाइल्ड मैपिंग का काम पूरा नहीं किया है।
उधर प्राइवेट स्कूल विभाग की ओर से चाइल्ड मैपिंग पूरी नहीं किए जाने का मुद्दा उठाकर ईडब्ल्यूएस सीटों पर दाखिले को लेकर आनाकानी कर सकते हैं। शहर के करीब 80 प्राइवेट और कॉन्वेंट स्कूलों में ईडब्ल्यूएस कोटे की 1500 सीटें हैं। कई वर्षों से इस कोटे की आधे से अधिक सीटें खाली रह जाती हैं।
राइट टू एजुकेशन (आरटीई) के तहत स्कूलों को 25 फीसदी सीटें ईडब्ल्यूएस कोटे से भरनी अनिवार्य है। गौरतलब है कि 2016-17 सत्र के लिए एंट्री लेवल पर दाखिले की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। 18 दिसंबर तक नर्सरी और केजी में दाखिले के लिए सभी स्कूल आवेदन फार्म स्वीकार करेंगे।
ईडब्ल्यूएस सीटें नहीं भरी तो स्कूलों पर होगी कार्रवाई
यूटी प्रशासन ने प्राइवेट और कॉन्वेंट स्कूलों को एंट्री लेवल दाखिले में 25 फीसदी सीटें भरने के निर्देश दिए हैं। इन सीटों पर दाखिला नहीं देने वाले स्कूलों को जमीन अलॉटमेंट कैंसिल करने का भी फरमान जारी किया जा चुका है। शिक्षा विभाग ने सभी प्राइवेट और कॉन्वेंट स्कूलों से ईडब्ल्यूएस सीटों की पूरी जानकारी मांगी है। प्रशासन के अधिकारियों की देखरेख में ही इन सीटों को भरा जाएगा।
शिक्षा विभाग पर करोड़ों का बकाया
आरटीई के तहत ईडब्ल्यूएस कोटे के तहत दाखिला देने वाले स्कूलों को शिक्षा विभाग बच्चों पर आने वाले खर्च को रिफंड करता है। रिफंड की राशि को लेकर भी विभाग और प्राइवेट स्कूलों में कई वर्षों से तकरार चल रही है। इंडिपेंडेंट स्कूल एसोसिएशन प्रेसिडेंट एचएस मामिक का कहना है कि प्राइवेट स्कूल ईडब्ल्यूएस सीटों को भरने के लिए तैयार हैं, लेकिन विभाग की ओर से अब तक रिफंड का पैसा नहीं दिया गया है। शिक्षा विभाग रिफंड की राशि 800 से 900 रुपये प्रति स्टूडेंट तय कर चुका है, जबकि प्राइवेट स्कूल दो से तीन हजार की मांग कर रहे हैं।
ईडब्ल्यूएस कोटे संबंधी अभिभावकों के लिए आवश्यक जानकारी
- ईडब्ल्यूएस कोटे के लिए भी 18 दिसंबर तक आवेदन फार्म जमा होंगे।
- एक लाख से कम सालाना आय पर ही लाभ मिलेगा।
- स्कूल के एक किलोमीटर के दायरे में रहने वाले बच्चों को लाभ मिलेगा।
- आवेदन फार्म के साथ संबंधित एरिया के एसडीएम से सर्टिफिकेट लाना जरूरी है।
- ईडब्ल्यूएस कोटे की सीटों से अधिक आवेदन आने पर लकी ड्रा होगा।
मैं अभी कुछ दिनों से शारीरिक दंड के खिलाफ प्रोजेक्ट में व्यस्त थी। चाइल्ड मैपिंग को लेकर मुझे जानकारी नहीं है। सोमवार को शिक्षा विभाग से इस बारे में पूरी डिटेल लेकर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
- प्रो. देवी सरोही, चेयरपर्सन, चंडीगढ़ कमीशन फॉर द प्रोटेक्शन ऑफ चाइल्ड राइट्स, यूटी
शिक्षा विभाग हर साल फरवरी मार्च में ही चाइल्ड मैपिंग करवाता है। ईडब्ल्यूएस कोटे का चाइल्ड मैपिंग से कोई कनेक्शन नहीं है। सभी प्राइवेट स्कूलों को निर्धारित एरिया के गरीब बच्चों को ईडब्ल्यूएस कैटेगरी में दाखिला देना होगा।
- विनय आर सूद, जिला शिक्षा अधिकारी, यूटी