चंडीगढ़ ग्रुप ऑफ कॉलेजेस लांडरां में शनिवार को उस समय सन्नाटा पसर गया। जब तीन छात्रों की सड़क हादसे में जिंदा जल जाने की दर्दनाक खबर संस्थान पहुंची। उस समय हर किसी की आंख में आंसू थे। माहौल काफी गमगीन था। संस्थान के हॉस्टल में घटना पर किसी को विश्वास नहीं हो रहा था। जिसको जैसे घटना के बारे में पता चल रहा था। वह सीधे ही चंडीगढ़ के लिए निकल पड़ रहा थे।
संस्थान से मिली जानकारी के मुताबिक बलरूप सिंह बीटेक (एमई) का स्टूडेंट था। जबकि दीपांशु गुप्ता और गौरव गर्ग दोनों एमबीए कर रहे थे। बलरूप और गौरव दोनों शिमला के रहने वाले थे। दोनों संस्थान के ही हॉस्टल में रहते थे। शनिवार और रविवार को कॉलेज में छुट्टी थी। ऐसे में दोनों ने शुक्रवार को ही घर जाने के लिए हॉस्टल से छुट्टी ली थी। रविवार शाम तक दोनों की हॉस्टल में वापस होनी थी। जबकि दीपांशु रेवाड़ी का रहने वाला है। उसने कहीं अन्य जगह कमरा ले रखा था। संस्थान के टीचरों के मुताबिक तीनों स्टूडेंट्स पढ़ाई लिखाई में काफी अच्छे थे। सभी काफी मिलनसार थे। इसके अलावा कॉलेज में होने वाली एक्टिविटी में हिस्सा बढ़चढ़कर हिस्सा लेते थे।
संस्थान में होगी शोकसभा, अंतिम संस्कार में जाएंगी बसें
सीजीसी ग्रुप के प्रेसिडेंट रछपाल सिंह धालीवाल ने घटना दुख प्रकट किया है। उन्होंने बताया कि कॉलेज वाले हर स्थिति में परिवार वालों के साथ है। छात्रों के संस्कार में संस्थान की मैनेजमेंट से जुड़े लोग, टीचर व विद्यार्थी जाएंगे। संस्थान से स्पेशल बसें जाएगी। इसके अलावा सोमवार को संस्थान में शोकसभा आयोजित की जाएगी।