हरियाणा सरकार ने स्व-प्रमाणीकरण के प्रावधान को अपनाने का निर्णय लिया है। अब आवेदकों को विभिन्न संगठनों या शैक्षणिक संस्थानों में नौकरियों या दाखिले के लिए आवेदन करते समय अंक तालिका जैसे दस्तावेजों या प्रमाणपत्रों की सत्यापित प्रतियां लगाने की आवश्यकता नहीं होगी।
सरकार के प्रवक्ता ने बताया कि स्व-प्रमाणीकरण की प्रणाली नागरिक मैत्री है। इससे नागरिकों के धन और समय की बचत होती है। दूसरे प्रशासनिक सुधार आयोग ने अपनी 12वीं रिपोर्ट शीर्षक सिटीजन सैंटरिक एडमिनिस्ट्रेशन-द हर्ट आफ गवर्नेंस में प्रक्रिया के सरलीकरण के लिए स्व-प्रमाणीकरण को अपनाने की भी सिफारिश की है इसलिए मामले पर पुन: विचार किया गया है।
अब आवेदकों से स्व-सत्यापित दस्तावेज या प्रमाण पत्र स्वीकार किए जाएंगे। अंतिम स्तर पर ही मूल दस्तावेजों या प्रमाण पत्रों को प्रस्तुत किया जाना होगा।