देशी साइंटून अब इंटरनेशनल प्रतीक बनने जा रहा है। इंडो-ब्राजील नेटवर्क में राजधानी के सेंट्रल ड्रग रिसर्च इंस्टीट्यूट (सीडीआरआई) में वैज्ञानिक डॉ. पीके श्रीवास्तव के बनाए साइंटून अब अमेजन के जंगलों को बचाने में मददगार बनेंगे।
इसके लिए एक खास 10 साइंटून की नई सीरीज ब्राजील में रिलीज होगी। इसके साथ ब्राजील और फिलस्तीन के कार्टूनिस्ट को भी साइंटून बनाने के गुर सिखाए जाएंगे।
साइंटून को अंतर्राष्ट्रीय दर्जा मिलने के लिए ब्राजील सरकार के अधीन यूनिवर्सिटी ऑफ साउपालो ने पहल की है। यह पूरी कवायद 2012 में बने इंडो-ब्राजील नेटवर्क की मदद से हो रही है।
यूनिवर्सिटी की फैकल्टी ने अमेजन के जंगलों को बचाने के लिए बनाए जागरूकता कार्यक्रम में डॉ. श्रीवास्तव से सहयोग मांगा है।
इसके लिए साइंटून बनाकर पूरे देश की ट्रेन, बस और दूसरे पब्लिक ट्रांसपोर्ट सिस्टम में उपयोग किया जाएगा। खुद डॉ. श्रीवास्तव अक्टूबर में ब्राजील जा रहे हैं।
इससे पहले ब्राजील पांच मई से चार दिवसीय अंतर्राष्ट्रीय सेमिनार पब्लिक कॉन्फ्रेंस ऑफ साइंस एंड टेक्नोलॉजी (पीसीएसटी) शुरू करने जा रहा है।
सल्वाडोर सिटी में आयोजित इस सेमिनार में डॉ. पीके श्रीवास्तव के बनाए 10 साइंटून की सीरीज को पोस्टर की शक्ल में रिलीज किया जाएगा। इन्हीं का इस्तेमाल जागरूकता फैलाने के लिए किया जाएगा।
डॉ. श्रीवास्तव ने बताया कि ब्राजील सरकार की मांग है कि यह साइंटून पुर्तगाली भाषा में बनाए जाएं। यह बड़ी मुसीबत थी। ऐसे में स्थानीय कार्टूनिस्ट को प्रशिक्षित करने केलिए शामिल किया गया।
ब्राजील सरकार के मुताबिक, 80 प्रतिशत बरसाती जंगल अमेजन पर अंधाधुंध कटान का खतरा बना हुआ है। इसके लिए सरकार स्थानीय लोगों खासकर युवाओं को जागरूक करना चाहती है।
3डी एनीमेशन में साइंटून जल्द
डॉ. श्रीवास्तव ने बताया कि ब्राजील सरकार ने भारत और फिलीस्तीन के बच्चों के लिए एक नई प्रतियोगिता शुरू की है। इसमें 2डी और 3डी में एनीमेशन में साइंटून बनाने वाले बच्चों को चुना जाएगा।
दोनों देशों से हर साल एक-एक बच्चे को ब्राजील बुलाकर अपनी प्रतिभा को प्रदर्शित करने का मौका होगा।
अब विदेशी यूनिवर्सिटी में भी जगह
एलयू के एमएससी ऑफ मॉस क म्युनिकेशन इन साइंस एंड टेक्नोलॉजी कोर्स में साइंटून को सबसे पहले शामिल किया गया।
इसके बाद अन्नामलाई यूनिवर्सिटी तमिलनाडु, माखनलाल चतुर्वेदी पत्रकारिता विश्वविद्यालय भोपाल, देवी अहिल्याबाई यूनिवर्सिटी इंदौर, डॉ. मोहनलाल सुखाड़िया यूनिवर्सिटी उदयपुर के पाठ्यक्रम में इसे शामिल किया गया है। अब ब्राजील सरकार भी अपने यहां साइंटून को पाठ्यक्रम में शामिल करने के लिए पहल कर चुकी है।