फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

UP Board: महंगी पड़ सकती है परीक्षा में तीसरी आंख

Sun, 23 Nov 2014 03:54 PM IST
सचिन त्रिपाठी/अमर उजाला, लखनऊ
विज्ञापन
विज्ञापन
यूपी बोर्ड परीक्षा में हर कमरे में सीसीटीवी कैमरा लगाना आसान नहीं होगा। इसमें होने वाला खर्च स्कूलों को वहन करना है लेकिन कैमरे में लगवाने में स्कूलों के पसीने छूटेंगे।
विज्ञापन


प्रिंसिपल्स शासन की योजना की तारीफ तो कर रहे हैं लेकिन बजट के अभाव में सीसीटीवी कैमरे की व्यवस्था करने में अपने हाथ खड़े कर रहे हैं।

प्रमुख सचिव माध्यमिक शिक्षा डॉ. सूर्य प्रताप सिंह किसी भी सूरत में इस साल बोर्ड परीक्षाएं नकलविहीन कराने का दावा कर रहे हैं।

इसीके तहत उन्होंने परीक्षाएं सीसीटीवी कैमरे की निगरानी में कराने की बात कही है लेकिन पहले से ही बजट के लिए जूझते स्कूलों के लिए सीसीटीवी कैमरे का खर्च वहन करना काफी मुश्किल लग रहा है।

बैठक में सीसीटीवी कैमरे का खर्च विद्यालयों को उठाना है। सभी कमरों में सीसीटीवी कैमरा लगाने में एक विद्यालय को कम से कम 50 हजार रुपये का खर्च आएगा।

राजकीय विद्यालयों में आय का कोई ऐसा स्रोत नहीं है, जिससे विद्यालयों में सीसीटीवी कैमरे लगाए जा सकें। इससे ज्यादा हालत अनुदानित कॉलेजों की खराब है।

आरटीई लागू होने के बाद अनुदानित कॉलेजों में आठवीं तक कोई फीस नहीं ली जाती है। बजट के अभाव में विद्यालयों के रख-रखाव में भी काफी दिक्कत हो रही है। ऐसे में सीसीटीवी कैमरे लगाने में विद्यालय अपने हाथ खडे़ कर रहे हैं।
विज्ञापन


उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षक संघ के प्रदेशीय प्रवक्ता एवं मंत्री डॉ. आरपी मिश्रा ने बताया कि नकल रोकने के लिए शिक्षा विभाग की ओर से जारी निर्देश काबिले तारीफ हैं।

सीसीटीवी कैमरे लगाना भी एक अच्छा फैसला है लेकिन इसके लिए शासन को अलग से बजट जारी करना चाहिए। कुछ निजी विद्यालयों को छोड़कर बाकी विद्यालय इस हालत में नहीं है कि वो सीसीटीवी का खर्च वहन कर सकें।
विज्ञापन

और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें