सीबीएसई स्कूलों में इस साल से 9वीं और 11वीं के छात्रों को लिखित के साथ अंग्रेजी की मौखिक परीक्षा भी देनी होगी। इस परीक्षा में अंग्रेजी बोलने की क्षमता परखा जाएगी।
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बोर्ड ने अंग्रेजी के प्रश्न पत्र के अंक कम कर उसमें अलग से स्पीकिंग एंड लिसनिंग असेसमेंट(एएसएल) जोड़ दिया है।
बोर्ड ने अंग्रेजी को माना जरूरी
सीबीएसई के अनुसार छात्र को बेहतर अंग्रेजी बोलने का अभ्यास होना चाहिए, क्योंकि यह अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर जरूरी भाषा है। बोर्ड ने सभी स्कूलों को निर्देश जारी किए हैं कि 15 मार्च तक 9वीं और 11वीं के छात्रों की यह परीक्षा कराकर इसका पूरा डाटा वेबसाइट पर अपलोड कर दें।
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9वीं में अब अंग्रेजी का पेपर 70 अंकों का होगा और उसमें 20 अंकों का एएसएल होगा। जबकि 11वीं में अंग्रेजी का पेपर 80 अंकों का होगा और उसमें 10 अंक का एएसएल होगा। बाकी दस नंबर ओटीबीए (ओपन टेक्स्ट बुक एग्जाम) के होंगे।
ऐसे होगी विशेष परीक्षा
एएसएल के तहत छात्र को अलग से रिकॉर्डिंग रूम में जाना होगा। यहां दो एग्जामिनर के सामने छात्र की कम से कम 30 मिनट तक अंग्रेजी बोलने की काबिलियत परखी जाएगी।
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बोलने का लहजा, अंग्रेजी के शब्दों पर पकड़, व्याकरणीय त्रुटियां आदि की ऑडियो-विजुअल रिकॉर्डिंग करने के बाद बोर्ड के पास सीडी में रिकॉर्ड भेजना होगा।