सीबीएसई की बोर्ड परीक्षा शुरू होने पर एक माह शेष है। ऐसे में 12 वीं के कई छात्रों पर परीक्षा का तनाव हावी है।
तनाव से छात्र न सिर्फ मानसिक बल्कि शारीरिक तौर पर भी तकलीफ में हैं। शहर के फिजियोथेरेपिस्ट के पास इन दिनों परीक्षा के तनाव के चलते मांसपेशियों में दर्द की समस्या को लेकर परीक्षार्थी पहुंच रहे हैं।
आर्थोन्यूरोफिजियोथेपी क्लीनिक के प्रमुख डॉ. विश्वास विरमानी बताते हैं कि कई बोर्ड स्टूडेंट्स हैं जो इन दिनों मांसपेशियों में दर्द के इलाज के लिए क्लीनिक में पहुंच रहे हैं। व्यक्ति जो सोचता है, उसका असर गर्दन की मांसपेशियों पर पड़ता है
व्यक्ति यदि तनाव में हो तो गर्दन की मांसपेशियों में खिंचाव आ जाता है। तनाव के साथ पढ़ाई में जुटे रहने की वजह से छात्र न तो सही प्रकार से बैठता और न ही लेटता, जिससे पूरा शरीर दर्द से पीड़ित रहता है।
मेट्रो अस्पताल के फिजियोथेरेपिस्ट डॉ. दिनेश संभुज बताते हैं कि हफ्ते में 20 से 22 बोर्ड परीक्षार्थी गर्दन, हाथ और पैरों में दर्द की समस्या लेकर आते हैं। शरीर की मांसपेशियों को खिंचाव से बचाने के लिए कुछ विशेष तरीके हैं, जिससे दर्द से बचा जा सकता है।
खानपान का रखें ध्यान
पानी खूब पीएंहल्की डाइट लेंस्मोकिंग और एल्कोहल से बचेंपढ़ाई के बीच में आधे घंटे का ब्रेक जरूर लें। यह समय अपनी पसंद (जैले खेल, टीवी देखने में व्यतीत करेंयोगा या प्रणायाम करेंपढ़ने से पहले आठ से दस बार नाक से गहरी सांस लें और मुंह से छोड़ें
सही तरह से पढ़ने के तरीके
पढ़ने के लिए मेज और कुर्सी का ही इस्तेमाल करें। बेड, सोफा या जमीन पर बैठकर न पढ़ेंकुर्सी पर पीठ को सीधा करके बैठेंकमर के‘सी’ शेप को बरकरार रखेंपीठ के ‘सी’ शेप में तकिया या रीढ़ की हड्डी के लिए बाजार में विशेष तौर पर उपलब्ध बैक सपोर्ट कुशन का इस्तेमाल करेंतकिया न तो ज्यादा कठोर हो और न ही अधिक मुलायमपढ़ने के लिए स्लाइडिंग बोर्ड का उपयोग करें। इसे मेज पर रखें और उसके ऊपर किताब, नोट्स आदिबीच में ब्रेक लेने के लिए उठते वक्त पीछे की ओर 20 से 30 डिग्री झुकें (दो से तीन बार)। झुकते समय गर्दन को भी इतना ही पीछे ले जाएंदर्द हो गया है तो तौलिये का चार इंच का रोल बनाकर गर्दन के पीछे रख लेंबीच बीच में बैठे हुए कंधों को कान तक करीब तीन बार उचकाएं