सीबीएसई 10वीं रिजल्ट में लगातार तीसरे साल लड़कों का दबदबा रहा। जिले में इस बार 587 छात्रों ने 10 सीजीपीए ग्रेडिंग प्वॉइंट्स हासिल किए। जनपद के 125 स्कूलों में 314 लड़कों ने 10 सीजीपीए प्राप्त कर बाजी मारी। लड़कियों में 10 सीजीपीए पाने वालों की संख्या 273 रही।
सबसे ज्यादा डीपीएसजी में 93 छात्रों ने 10 सीजीपीए आए। छबीलदास में 53 में से 30 लड़कों व 23 लड़कियों के 10 सीजीपीए आए। केडीबी में 29 छात्रों में से 17 लड़कों व 12 लड़कियों ने 10 सीजीपीए प्राप्त किए। डीडीपीएस में 55 छात्रों में से 28 लड़कों और 27 लड़कियों के 10 सीजीपीए हासिल किए।
नेहरू वर्ल्ड में 15 छात्रों में से 10 लड़कों और पांच लड़कियों ने 10 सीजीपीए पाए। गुरुकुल स्कूल में आठ छात्रों में से पांच लड़कों के 10 सीजीपीए ग्रेडिंग प्वॉइंट आए।
पीएसए ने बिगाड़ा 10 सीजीपीए का गणित
दसवीं रिजल्ट में पॉब्लम सॉल्विंग असेसमेंट (पीएसए) ने 10 सीजीपीए ग्रेडिंग प्वॉइंट्स का गणित बिगाड़ कर रख दिया। 10वीं में लागू हुए पीएसए को देना पहले कंपलसरी नहीं था। बाद में पीएसए जरूरी किए जाने और मार्किंग में
पीएसए के अंकों को भी शामिल किए जाने से 10 सीजीपीए पाने की चाह रखने वाले कई छात्रों को निराशा हुई। ठाकुरद्वारा बालिका विद्यालय की प्रिंसिपल अल्का सिंघल ने बताया कि पीएसए का बाद में कंपलसरी होना और पीएसए का पेपर आउट ऑफ सिलेबस आने से छात्रों की ओवरऑल ग्रेडिंग पर असर पड़ा।
एमिटी का शानदार प्रदर्शन
सीबीएसई के 10वीं रिजल्ट में ट्रांस हिंडन के स्कूलों को प्रदर्शन भी शानदार रहा। एमिटी इंटरनेशनल स्कूल के छात्रों का प्रदर्शन शानदार रहा। स्कूल के 30 फीसदी छात्रों ने 10 सीजीपीए प्वॉइंट्स हासिल किए।
एमिटी इंटरनेशनल 27 में से 10 छात्रों ने 10 सीजीपीए हासिल किए। डीपीएस इंदिरापुरम में 80, बाल भारती ब्रिज विहार में 23, डीएवी राजेंद्र नगर में 25, वैशाली सनवैली इंटरनेशनल स्कूल में 10, सेठ आनंदराम जयपुरिया स्कूल में पांच, डीएलएफ पब्लिक स्कूल में आठ, जेकेजी इंटरनेशननल स्कूल में पांच छात्रों ने 10 सीजीपीए हासिल किए।
शाम को आया रिजल्ट, नहीं पहुंचे छात्र
गाजियाबाद। मंगलवार दोपहर बाद आए दसवीं होम रिजल्ट को लेकर छात्रों में उत्सुकता नहीं देखने को मिली। हालात ऐसे बने कि रिजल्ट आने के बाद स्कूल से छात्रों को फोन पर बुलाने केबावजूद छात्र स्कूल नहीं पहुंचे। दसवीं में ग्रेड सिस्टम लागू होने और छात्रों को आसानी से मिल रही इंटरनेट सुविधा ने स्कूलों में मचने वाले धमाल को फीका कर दिया।
पिछले वर्षों तक जहां छात्र स्कूल पहुंच कर रिजल्ट जानते थे ओर एक दूसरे को बधाई दिया करते थे। इस बार स्कूलों में यह रौनक देखने को नहीं मिली। छबीलदास स्कूल, ठाकुरद्वारा स्कूल में तो बच्चों को फोन पर बधाई दी गई और जब उन्हें स्कूल में बुलाया गया तो शिक्षक भी इंतजार ही करते रहे जबकि बच्चे स्कूल नहीं पहुंचे।