फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

अनोखा नियम: इस परीक्षा में कोई नहीं जा सकेगा ट्वॉयलेट

Sat, 09 May 2015 11:13 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, कानपुर
विज्ञापन
विज्ञापन
पीसीएस प्री परीक्षा शुरू होने के डेढ़ घंटे तक कोई भी अभ्यर्थी न तो ट्वायलेट जा सकेगा और न ही पानी पीने के लिए कक्ष से बाहर निकलेगा। परीक्षा रविवार सुबह 9:30 से 11:30 बजे तक होनी है।
विज्ञापन


11 बजे के बाद अभ्यर्थी कक्ष निरीक्षक की निगरानी में ही ट्वायलेट जा सकता है। पानी पीने के लिए तो उसे क्लास में ही चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी का इंतजार करना पड़ेगा।

शुक्रवार को ये निर्देश नोडल अफसर और एडीएम सिटी अविनाश कु़मार सिंह ने मर्चेंट चैंबर में परीक्षा के संबंध में हुई बैठक के दौरान जारी किए।

पीसीएस प्री परीक्षा शहर के 105 केंद्रों में होगी। इसमें 48,864 परीक्षार्थी शामिल होंगे परीक्षा 32 सेक्टर मजिस्ट्रेट की निगरानी में होगी। बैठक में परीक्षा के नोडल अफसर और एडीएम सिटी ने कई निर्देश जारी किए।
विज्ञापन

सख्ती से हो नियम का पालन

जब अभ्यर्थी और कक्ष निरीक्षक द्वारा परीक्षा के दौरान ट्वायलेट इस्तेमाल न करने का निर्देश दिया तो हाल में खुसुर-फुसुर शुरू हो गई।

इस पर एडीएम सिटी ने कहा कि परीक्षा की तैयारियों के संबंध में लोक सेवा आयोग ने नोडल अफसरों के साथ हुई बैठक में इस निर्देश का सख्ती से पालन करने को कहा है।

हालांकि, आयोग की ओर से इस बारे में कोई लिखित आदेश नहीं जारी किया गया है। ये मौखिक निर्देश हैं।

पीसीएस प्री में इस बार बुकलेट का बंडल केंद्र व्यवस्थापक के बजाय कक्ष निरीक्षक खोलेंगे। कक्ष निरीक्षक के साथ दो स्टूडेंट्स के सामने बंडल खोला जाएगा।
विज्ञापन

दस मिनट की मिलेगी छूट

पीसीएस प्री की परीक्षा सुबह 9:30 से 11:30 बजे तक होगी। अभ्यर्थियों को 15 मिनट पहले तक केंद्रों पर पहुंचना है। किसी कारणवश कोई भी अभ्यर्थी लेट होता है तो उसे दस मिनट की छूट मिलेगी। यानी सुबह 9:40 तक केंद्र पहुंच सकता है।

अगर किसी अभ्यर्थी के पास प्रवेश पत्र नहीं है पर उसका नाम इनरोलमेंट सूची में है तो वह अपनी दो फोटो के साथ केंद्र पर आ जाए उसको पेपर देने दिया जाएगा।

लेकिन, इनरोलमेंट सूची में ही नाम नहीं है तो किसी भी सूरत में परीक्षा में शामिल नहीं होने दिया जाएगा।

अधिकारियों ने कहा कि केंद्रों में अभ्यर्थियों के अलावा कक्ष निरीक्षक भी अपना मोबाइल कमरे तक नहीं ले जा सकेंगे।

इसके अलावा कई केंद्रों में बिजली और पानी की व्यवस्था नहीं है। अगर बिजली नहीं है तो जनरेटर चलाएं, इसका पैसा मिलेगा।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें