आईटी, ऑटोमोबाइल, रिटेल और पेशेंट केयर को अब विद्यालयी शिक्षा के पाठ्यक्रम में शामिल किया जा सकेगा।
वैकल्पिक विषय के रूप में होगा शामिल
हाईस्कूल और इंटरमीडिएट में अलगे शिक्षा सत्र से इसे वैकल्पिक विषय के रूप में शामिल किया जाएगा। इसके लिए सोमवार को राष्ट्रीय माध्यमिक शिक्षा अभियान (रमसा) और एनएसडीसी (नेशनल स्किल डेवलपमेंट कार्पोरेशन) के बीच एमओयू साइन किया गया।
एमओयू के अनुसार एनएसडीसी प्रदेश में व्यावसायिक शिक्षा के संचालन के लिए पूर्णकालिक समन्वयकों की नियुक्ति करेगा।
राज्य परियोजना निदेशक राधिका झा ने कहा कि प्रदेश में केंद्र सरकार के सहयोग से प्रथम चरण में 44 चयनित विद्यालयों में व्यावसायिक शिक्षा कार्यक्रम लागू किया जा रहा है।
इसमें जिन चार विषयों को विद्यालयों में लागू किया जा रहा है, उनमें हाईस्कूल स्तर पर यह छठवें वैकल्पिक विषय के रूप में एवं इंटरमीडिएट में पांचवें वैकल्पिक विषय के रूप में पढ़ाए जाएंगे। प्रत्येक विद्यालय में दो व्यावसायिक विषय संचालित किए जाएंगे। इसमें हर विषय में 25-25 छात्र-छात्राओं को दाखिला दिया जाएगा।
टाटा मोटर्स के साथ भी एमओयू
एनएसडीसी के चीफ ऑपरेटिंग ऑफिसर अतुल भटनागर ने कहा कि एनएसडीसी टाटा मोटर्स के साथ भी एमओयू कर रहा है। इसके तहत उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश एवं पंजाब में टाटा मोटर्स राजकीय विद्यालयों को चयनित कर कक्षा 11 और 12 में ऑटोमोबाइल ट्रेड संचालित करेगा।
राज्य परियोजना निदेशक एमएस बिष्ट और सहायक राज्य परियोजना निदेशक डा. मोहन सिंह बिष्ट ने बताया कि एनएसडीसी का चौथा स्तर पास करने के बाद इच्छुक छात्र-छात्राओं में से कम से कम 70 फीसदी को विभिन्न उद्योगों में रोजगार उपलब्ध कराएगा।