इंजीनियरिंग एजूकेशन में मंदी का असर अब मैनेजमेंट कोटे पर भी पड़ने लगा है। इस साल मैनेजमेंट कोटे की सीटों पर डोनेशन का ग्राफ गिर गया है। खास बात ये भी है कि डोनेशन लेने वाले कॉलेजों की संख्या पिछले साल के मुकाबले आधी रह गई है।
प्राइवेट यूनिवर्सिटी से मिलने वाले कंप्टिशन और छात्रों की कमी के कारण डोनेशन का दायरा सिमट रहा है। कोटा सीटों पर हर ब्रांच पर डोनेशन का रेट गिर गया है।
दरअसल, ग्रेटर नोएडा और गाजियाबाद के इंजीनियरिंग कॉलेजों में मैनेजमेंट कोटा के तहत लगभग 1250 सीटें हैं, जिन पर टोकन मनी के साथ नियमों के विरुद्ध बुकिंग शुरू हो गई है। टॉप कॉलेज में हर ब्रांच का रेट उसके नाम के मुताबिक तय हो गया है, जो पिछले साल के मुकाबले कम है।
दोनों शहरों के इन टॉप इंजीनियरिंग कॉलेजों में मैनेजमेंट कोटे पर लगभग 60 करोड़ रुपये का डोनेशन वसूला जाएगा, जो पिछले साल लगभग 90 करोड़ रुपये था। दरअसल, नोएडा-ग्रेटर नोएडा में कई नामी यूनिवर्सिटी छात्रों को 100 फीसदी तक स्कॉलरशिप दे रही हैं।
कंप्टिशन बढ़ने से डोनेशन की जगह सीट फुल करना प्राथमिकता पर है। अब सिर्फ चार-पांच इंजीनियरिंग कॉलेजों में ही भारी डिमांड है बाकी दो-तीन कॉलेजों में भी छात्र पैसा देकर एडमिशन लेने को तैयार हैं।
कोटा सीटों पर रजिस्ट्रेशन शुरू
कंसल्टेंट और संस्थानों से प्राप्त जानकारी के मुताबिक एडमिशन के लिए छात्रों को विशेष रजिस्ट्रेशन नंबर देकर काउंसलिंग से पहले दाखिला दे दिया जाएगा। कई संस्थानों में स्टेट एंट्रेंस एग्जाम (एसईई) की काउंसलिंग से अलॉट सीट के ड्रॉप होने के बाद उन सीटों पर भी डोनेशन के जरिए दाखिला दिया जाएगा।
इंजीनियरिंग कॉलेजों में मैनेजमेंट कोटे की स्थिति
डोनेशन लेने वाले कॉलेज- टॉप 8
इन कॉलेजों में बीटेक की कुल सीटें- 8500
मैनेजमेंट कोटे की सीटें (ड्रॉप आउट भी)- 1400
औसतन डोनेशन- 4 लाख रुपये प्रति सीट
कॉलेजों को जाने वाला कुल डोनेशन- 60 करोड़ रुपये
ब्रांच के मुताबिक डोनेशन का प्राइसबैंड
कंप्यूटर साइंस- 5.30 से 6 लाख रुपये
मैकेनिकल- 5 से 6 लाख रुपये
इलेक्ट्रोनिक्स एंड कम्यूनिकेशन- 4.30 लाख रुपये
सिविल- 4 लाख रुपये
इलेक्ट्रीकल व ग्रुप-3.30 लाख रुपये
आईटी व अन्य ब्रांच- 3 से 4 लाख रुपये
नोट: निचले चार कॉलेजों में रेट डेढ़ लाख तक कम है।