यूएपीएमटी 2013 परीक्षा में पकड़े गए छात्र ऐसे-वैसे नहीं, बेहद मेधावी हैं। लेकिन उनकी होनहारी को दलालों ने पैसे के लालच में लपेटकर भ्रष्टाचार की राह पर धकेल दिया।
पकड़े गए छात्रों ने बताया कि वे कोचिंग संस्थानों में मेडिकल परीक्षाओं की तैयारी कर रहे हैं। वहीं उन्हें दलाल मिले और संस्थान में हर माह होने वाले मॉक टेस्ट में बेहतर प्रदर्शन के दम पर उन्हें चुना गया।
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सीएनआई इंटर कालेज में दूसरों के नाम पर परीक्षा देते पकड़े गए 15 छात्रों का कहना है कि वे कानपुर के विभिन्न कोचिंग संस्थानों में मेडिकल प्रवेश परीक्षाओं की तैयारी कर रहे हैं। वहां होने वाले मासिक टेस्टों में वे अव्वल रहते हैं।
छात्रों के मुताबिक संस्थानों में ही मौजूद कुछ दलाल किस्म के लोग मेधावी छात्रों को परख लेते हैं। इसके बाद वे छात्रों से दोस्ती बढ़ाकर धीरे-धीरे फर्जीवाड़े की राह पर बढ़ा देते हैं। एक छात्र ने बताया कि उसे ट्रायल के तौर पर दून भेजा गया था। वह अच्छी रैंक लेता तो अगले साल परीक्षा के बदले उसे ज्यादा कमाई का फल मिलता।
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वहीं, छात्रा ने बताया कि वह अपने ब्वायफ्रेंड के साथ ग्वालियर स्थित एक संस्थान में कोचिंग कर रही है। छात्रा ने अपना पता हमीरपुर बताया। उसने बताया कि ब्वायफ्रेंड ने ही उसे रुखसार नाम की एक छात्रा से शक्ल मिलने की बात कहकर दून भेजा। उसका फोन भी ब्वायफ्रेंड के पास है।
बताया कि वह अपने बैच में हर महीने बेहतर प्रदर्शन करती है, जिसकी वजह से उसका ब्वायफ्रेंड ने उसे इस परीक्षा में जाने के लिए कहा। सभी छात्रों का कहना था कि वे इंटेलीजेंट होने की वजह से इस जाल में फंस गए।
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