शहर के सरकारी स्कूलों में कई सालों से पढ़ा रहे 400 गेस्ट टीचरों ने काली दिवाली मनाने का फैसला लिया है। बुधवार को सेक्टर-10 मस्जिद ग्राउंड में 2008 और 2012 में नियुक्ति किए गए गेस्ट टीचरों ने समान काम समान वेतन की मांग करते हुए शिक्षा विभाग के खिलाफ रोष जताया।
शिक्षकों का आरोप है कि विभाग दोहरे मापदंड अपना रहा है। गेस्ट टीचर्स एसोसिएशन के प्रधान राजबीर संध्यान ने बताया कि जेबीटी गेस्ट टीचरों को 15 हजार, कांट्रेक्ट और एसएसए शिक्षकों को 26,900 हर महीने वेतन दिया जा रहा है।
उधर, टीजीटी में गेस्ट टीचर्स को 18 हजार, कांट्रेक्ट और एसएसए शिक्षकों को 30,400 वेतन दिया जा रहा है। गेस्ट लेक्चरर को 20 हजार और कांट्रेक्ट लेक्चरर को 34 हजार वेतन दिया जा रहा है।
राजबीर के अनुसार 7 सितंबर 2012 को परसोनल विभाग की ओर से जारी आदेशों में कांट्रेक्ट और एसएसए शिक्षकों का वेतन को बढ़ा दिया, लेकिन गेस्ट टीचरों पर कोई फैसला नहीं लिया गया।
उन्होंने कहा कि कई बार डीपीआई और शिक्षा सचिव को इस मामले में चिट्ठी दी गई लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। वीरवार को ज्वाइंट एक्शन कमेटी के साथ मिलकर यूटी प्रशासन के आला अधिकारियों को मामले को लेकर ज्ञापन दिया जाएगा।
डीपीआई (स्कूल) कमलेश कुमार का कहना है कि इस मामले की फाइल देखने के बाद ही कुछ कहा जाएगा। उन्होंने कहा कि शिक्षकों की वाजिब मांगों पर कार्रवाई होगी।