मेरिट में नाम नहीं और हो गया लखनऊ विश्वविद्यालय में प्रवेश। बैक डोर से एलयू ने प्रवेश तो लिए ही, साथ में निर्धारित संख्या से ज्यादा एडमिशन भी कर लिए।
एडमिशन में हुई इस धांधली को विश्वविद्यालय प्रशासन अगले चरण की काउंसलिंग के दौरान छिपाने की भी तैयारी कर रहा है। बीए ऑनर्स में दाखिलों को लेकर सामने आए इस फर्जीवाड़े ने पूरी प्रवेश प्रक्रिया पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
अब आशंका इस बात की भी है कि कहीं अन्य कोर्स में भी तो इसी तरह की गड़बड़ी नहीं की गई। वहीं इस संबंध में एलयू प्रशासन ने अपनी गलती मानते हुए कहा है कि गलती से हुए प्रवेश निरस्त किए जाएंगे।
एलयू में बीए ऑनर्स में काउंसलिंग के दो चरण हो चुके हैं। दूसरे चरण में प्रवेश के लिए 7 जुलाई को ओपन लिस्ट में 61 से लेकर 168 रैंक तक के अभ्यर्थियों को बुलाया गया था।
इस रैंक लिस्ट के अनुसार ओपन लिस्ट की नॉर्मलाइज्ड कटऑफ 75.350 परसेंट थी। इसके अलावा एससी, एसटी और ओबीसी में सभी अभ्यर्थियों को बुला लिया गया था।
लेकिन एलयू में बीए ऑनर्स में एक ऐसी अभ्यर्थी का प्रवेश लिया गया है जिसकी रैंक 233 है। इस अभ्यर्थी की नॉर्मलाइज्ड मेरिट 68.737 परसेंट है। आईएससी बोर्ड में इस अभ्यर्थी को 68.600 परसेंट मिले हुए हैं। ऐसे में सवाल यह उठता है कि जिस अभ्यर्थी को काउंसलिंग के लिए बुलाया ही नहीं गया तो उसे प्रवेश कैसे दे दिया गया।