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एलयू का बड़ा फर्जीवाड़ा: मेरिट में नाम नहीं हो गया एडमिशन

Sun, 26 Jul 2015 02:20 PM IST
शैलेश अरोड़ा/अमर उजाला,लखनऊ
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मेरिट में नाम नहीं और हो गया लखनऊ विश्वविद्यालय में प्रवेश। बैक डोर से एलयू ने प्रवेश तो लिए ही, साथ में निर्धारित संख्या से ज्यादा एडमिशन भी कर लिए।
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एडमिशन में हुई इस धांधली को विश्वविद्यालय प्रशासन अगले चरण की काउंसलिंग के दौरान छिपाने की भी तैयारी कर रहा है। बीए ऑनर्स में दाखिलों को लेकर सामने आए इस फर्जीवाड़े ने पूरी प्रवेश प्रक्रिया पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

अब आशंका इस बात की भी है कि कहीं अन्य कोर्स में भी तो इसी तरह की गड़बड़ी नहीं की गई। वहीं इस संबंध में एलयू प्रशासन ने अपनी गलती मानते हुए कहा है कि गलती से हुए प्रवेश निरस्त किए जाएंगे।
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एलयू में बीए ऑनर्स में काउंसलिंग के दो चरण हो चुके हैं। दूसरे चरण में प्रवेश के लिए 7 जुलाई को ओपन लिस्ट में 61 से लेकर 168 रैंक तक के अभ्यर्थियों को बुलाया गया था।

इस रैंक लिस्ट के अनुसार ओपन लिस्ट की नॉर्मलाइज्ड कटऑफ 75.350 परसेंट थी। इसके अलावा एससी, एसटी और ओबीसी में सभी अभ्यर्थियों को बुला लिया गया था।

लेकिन एलयू में बीए ऑनर्स में एक ऐसी अभ्यर्थी का प्रवेश लिया गया है जिसकी रैंक 233 है। इस अभ्यर्थी की नॉर्मलाइज्ड मेरिट 68.737 परसेंट है। आईएससी बोर्ड में इस अभ्यर्थी को 68.600 परसेंट मिले हुए हैं। ऐसे में सवाल यह उठता है कि जिस अभ्यर्थी को काउंसलिंग के लिए बुलाया ही नहीं गया तो उसे प्रवेश कैसे दे दिया गया।
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धांधली में अंदर के लोगों का हाथ

काउंसलिंग में अभ्यर्थियों के डॉक्यूमेंट्स का वेरिफिकेशन विवि के शिक्षक करते हैं। वेरिफिकेशन से पास होने केबाद इस लिस्ट को उसी दिन एडमिशन कार्य में लगी टीम क्रॉस चेक करती है कि कोई गलती तो नहीं हुई।

इसके बाद यह डाटा बैंक को दिया जाता है जिसके बाद बैंक अभ्यर्थियों को फीस जमा करने की सुविधा देता है। इसके बावजूद उस अभ्यर्थी के डॉक्यूमेंट पकड़ में न आना, इस बात की ओर इशारा करता है कि कहीं न कहीं इस धांधली में प्रवेश प्रक्रिया से जुड़े लोगों का ही हाथ है।

इस साल प्रवेश में गड़बड़ी का यह पहला मामला नहीं है। इससे पहले एलयू ने बीकॉम के लिए जारी मेरिट लिस्ट में भी कुछ अभ्यर्थियों को कम अंक होने के बावजूद बेहतर रैंक दे दी थी।

इसमें एक अभ्यर्थी जिसकी रैंक असल में 428 थी उसे 272 नंबर पर स्थान दे दिया था। इसी तरह एक अन्य अभ्यर्थी जिसकी रैंक 588 से 599 के बीच आनी चाहिए थी उसे 498वीं रैंक दे दी।

‘अमर उजाला’ ने गत 29 जून के अंक में माई सिटी पेज पांच पर ‘जांचा-न परखा, बना दी मेरिट लिस्ट’ नाम से समाचार प्रकाशित कर प्रवेश में गड़बड़ी को प्रमुखता से उठाया था। इसके बाद लिस्ट में संशोधन किया गया।

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