उत्तराखंड तकनीकी विवि की दूसरी काउंसिलिंग बेहद फीकी रही। पहले चरण में करीब चार हजार सीटें आवंटित हुई थीं। दूसरे चरण में 3500 सीटें आवंटित तो हुईं, लेकिन इनमें महज एक हजार ही नए पंजीकरण थे। बाकी पुराने छात्र ही सीट अपग्रेड करवाने के लिए काउंसिलिंग में शामिल हुए।
यूटीयू की प्रथम चरण की बीटेक काउंसिलिंग में 13 हजार में से करीब तीन हजार सीटें ही भर पाई थीं। बची हुई दस हजार सीटों के लिए दोबारा काउंसिलिंग शुरू हुई थी। तकनीकी विवि के उपकुलसचिव डा. आशीष उनियाल ने बताया कि
नौ हजार सीटें अभी भी रिक्त
द्वितीय चरण की काउंसिलिंग प्रक्रिया समाप्त होने के बाद बची सीटों पर सीधे दाखिले के लिए योजना बनाई जा रही है। पिछले वर्ष भी यह विकल्प दिया गया था। दूसरे चरण की एडमिशन प्रक्रिया समाप्त होने के बाद माना जा रहा है कि कम से कम नौ हजार सीटें अभी भी रिक्त रह जाएंगी। विवि से संबद्ध कालेजों के लिए सीटें न भर पाना एक मुसीबत साबित हो रहा है।
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