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उत्तराखंड में लचर शिक्षा प्रणाली की भेंट चढ़ गया बीएड

Mon, 13 Jan 2014 12:54 PM IST
अमर उजाला, देहरादून
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श्रीदेव सुमन उत्तराखंड विवि का बीएड सत्र शुरू होने से पहले ही बेरुखी का शिकार हो गया है।
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केवल 18 छात्र ही एडमिशन लेने आए
विवि से संबद्ध 25 बीएड कॉलेजों की प्रथम चरण की काउंसिलिंग के बाद महज 318 सीटें ही भर पाई हैं। अंतिम दिन तो केवल 18 छात्र ही एडमिशन लेने आए। श्रीदेव सुमन विवि ने गत वर्ष सितंबर माह में बीएड की प्रवेश परीक्षा कराई थी।

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इस बीच कुछ कॉलेजों पर राजभवन की ओर से रोक लग गई। विवि ने प्रवेश परीक्षा महज तीन कॉलेजों के लिए कराई लेकिन काउंसिलिंग शुरू होने तक बाकी 22 कॉलेज भी हाईकोर्ट से स्टे ऑर्डर ले आए।
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विवि ने काउंसिलिंग शुरू की तो पहले महज 150 छात्र ही आए। 2500 सीटों की तुलना में कम छात्र संख्या को देखते हुए विवि ने काउंसिलिंग की तिथि आगे बढ़ा दी। शुक्रवार से दोबारा काउंसिलिंग शुरू हुई जो रविवार को समाप्त हो गई।

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पूरी काउंसिलिंग में महज 318 छात्रों ने ही दाखिला लिया। अब 25 कालेजों की 2182 बीएड सीटें खाली हैं। विवि का कहना है कि काउंसिलिंग दोबारा होगी, लेकिन इतनी बड़ी संख्या में खाली सीटें भरने की उम्मीद बहुत कम नजर आ रही है।

यह है वजह
बीएड के प्रति छात्रों के कम रुझान की कई वजह हैं। 22 कालेज हाईकोर्ट से स्टे के आधार पर काउंसिलिंग में शामिल हुए थे, जिनमें ज्यादातर नए कॉलेज हैं। इन कॉलेजों पर छात्र भरोसा नहीं कर पा रहे हैं।
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दूसरी वजह यह है कि जिस वक्त बीएड की परीक्षाओं की तैयारी होनी चाहिए थी, उस वक्त में विवि प्रवेश करा रहा है। परीक्षा कब होगी कुछ पता नहीं। एक अन्य वजह यह है कि शासन स्तर पर इस प्रक्रिया में बेहद ढिलाई बरती गई है, जिस वजह से छात्र दूसरे विश्वविद्यालयों में चले गए।

हमने छात्रों को बुलाने के लिए काफी प्रयास किया था। अब दूसरे चरण की काउंसिलिंग की तैयारी करेंगे, जिसकी तिथि जल्द ही घोषित कर दी जाएगी।
- प्रो. एके तिवारी, कुलसचिव, श्रीदेव सुमन विवि
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