पंजाब यूनिवर्सिटी(पीयू) के दो प्रतिष्ठित लॉ इंस्टीट्यूट में 2014-15 सत्र में दाखिले के लिए मारामारी रहेगी।
पीयू प्रशासनिक अधिरकारियों के अनुसार मई और जून में होने वाली परीक्षा के लिए सीटों के मुकाबले कई गुना अधिक आवेदन आए हैं।
2014 में पंजाब सिविल सर्विसेज (ज्यूडिशियल ब्रांच) में पीयू से लॉ करने वाले 25 से अधिक युवा जज बने हैं।
पीयू के सबसे पुराने डिपार्टमेंट ऑफ लॉ (3 वर्षीय) कोर्स में जनरल कैटेगरी की 404 जनरल कैटेगरी सीट (202 सुबह और 202 शाम सत्र) में दाखिला दिया जाएगा। एंट्रेंस टेस्ट 9 जून को होगा।
उधर, पीयू के यूनिवर्सिटी स्कूल ऑफ लीगल स्टडीज(यूआईएलएस) पांच वर्षीय कोर्स में बीए-एलएलबी जनरल कैटेगरी में 120 और बीकॉम-एलएलबी 120 सीटों पर दाखिला दिया जाएगा। 18 मई को एंट्रेंस टेस्ट आयोजित किया जाएगा। पीयू और रीजनल सेंटर में लॉ सीटों के लिए पंजाब यूनिवर्सिटी एक ही एंट्रेंस टेस्ट लेता है।
विभिन्न लॉ इंस्टीट्यूट में एंट्रेंस की तिथि
इंस्टीट्यूट एंट्रेंस की तिथि
पीयू-एलएलबी-3 वर्षीय 9 जून
एलएलबी- 5 वर्षीय 18 मई
डीयू 3 वर्षीय लॉ 8 जून
एआईएल मोहाली 1 जून
लॉ एंट्रेंस टेस्ट की तैयारी के टिप्स
विभिन्न लॉ इंस्टीट्यूट में दाखिले के लिए आजकल युवा तैयारी में जुटे हुए हैं। शहर के कई कोचिंग सेंटर में 15 दिन से एक महीने की कोचिंग दी जा रही है।
सीटों के मुकाबले 10 से 12 गुना अधिक आवेदन के कारण मुकाबला काफी कड़ा होगा। सेक्टर-37 स्थित इनोवेशन कोचिंग सेंटर डायरेक्टर एपी भारद्वाज ने लॉ तैयारी को लेकर कुछ खास टिप्स दिए।
-एग्जाम में टाइम मैनेजमेंट बहुत महत्वपूर्ण होगा
-स्टूडेंट परीक्षा से पहले खुद को तनावमुक्त रखें
-एंट्रेंस में वोकेबलरी काफी महत्वपूर्ण होती है
-जनरल स्टडी और करंट अफेयर के नोट्स तैयार करें
-लॉ फील्ड में जाने के लिए लीगल अवेयरनेस बहुत जरूरी है
-सिविल लॉ, क्रिमिनल लॉ की बेसिक जानकारी होनी चाहिए।
-पिछले सालों के सॉल्व पेपर को जरूर करें।
-अधिक से अधिक मॉक टेस्ट दें।
-नेगेटिव मार्किंग के कारण सभी आंसर देने की कोशिश न करें।
-टेस्ट में एक ही सवाल पर अधिक समय बर्बाद न करें।
डिपार्टमेंट ऑफ लॉ में मौजूदा सत्र में ही ग्रेजुएट करने वाले ही नहीं नौकरी पेशा लोगों को भी दाखिला मिलता है। विभाग सुबह और शाम दोनों सत्र में दाखिले का ऑप्शन देता है। विभाग से डिग्री पाने वाले स्टूडेंट हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट में जस्टिस बने हैं। मेरिट लिस्ट में हर साल कट ऑफ बढ़ता जा रहा है।
प्रो.निष्ठा जसवाल, चेयरपर्सन डिपार्टमेंट ऑफ लॉ, पीयू