प्रदेश सरकार ने अनियमितताओं के आरोप में एएनएम और जीएनएम की परीक्षाएं रद्द कर दी हैं। इससे प्रदेश के करीब आठ हजार परीक्षार्थी प्रभावित होंगे। स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज ने चिकित्सा शिक्षा एवं अनुसंधान विभाग की बैठक में बुधवार को यह फैसला किया।
दोबारा परीक्षाएं पंडित भगवत दयाल स्वास्थ्य विज्ञान विश्वविद्यालय, रोहतक की ओर से आयोजित करवाई जाएगी। विवि प्रशासन ने इसकी सहमति भी दे दी है। एएनएम और जीएनएम परीक्षाएं पिछले साल नवंबर में आयोजित की गई थी।
विज ने अनियमितताओं का हवाला देते हुए इन परीक्षाओं को रद्द कर दिया और अगले सप्ताह तक डिप्लोमा नर्सिंग एग्जामिनेशन बोर्ड और डिप्लोमा पैरामेडिकल एग्जामिनेशन बोर्ड के गठन के निर्देश दिए हैं।
डिप्लोमा पाठयक्रमों में अब इन्हीं बोर्ड के माध्यम से दाखिला होगा। दाखिलों के संदर्भ में पालिसी का गठन भी एक सप्ताह में करने के निर्देश दिए हैं। यह पालिसी नर्सिंग काउंसिल आफ इंडिया के नियमों को ध्यान में रखते हुए बनाई जाएगी।
सूत्रों के मुताबिक राज्य में 100 से ज्यादा ऐसे संस्थान हैं, जिनमें हर वर्ष सात हजार से अधिक दाखिले होते हैं। स्वास्थ्य विभाग का दावा है कि अधिकतर संस्थान इन मानदंडों को पूरा नहीं करते हैं। स्वास्थ्य मंत्री के मुताबिक पिछली कांग्रेस सरकार ने बिना अनुमति के नर्सिंग स्कूल चलाने की छूट दे रखी थी। इनकी बाद में परीक्षा भी ली गई थी परंतु ये सभी गैर कानूनी थे।
चिकित्सा सेवाओं की जानकारी ऑनलाइन
मार्च 2016 तक प्रदेश के सभी जिलों के 55 अस्पतालों, पीजीआईएमएस, रोहतक और खानपुर कलां की सभी चिकित्सा सेवाओं की जानकारी ऑनलाइन दी जाएगी। इसके लिए अधिकारियों को उचित कार्रवाई करने की हिदायत दी गई है।