लखनऊ विश्वविद्यालय में मंगलवार को उत्तर पुस्तिकाएं देखने पहुंचे बी.कॉम
द्वितीय वर्ष के स्टूडेंट्स ने जब सही से कॉपी न जांचे जाने और नंबर कम दिए
जाने की शिकायत की तो शिक्षकों ने कहा कि नंबर बढ़वाना है तो कोर्ट जाओ।
छात्र-छात्राओं ने मौके पर मौजूद शिक्षकों पर खराब बर्ताव का आरोप लगाया। कई छात्रों ने सवाल जांचने से छूटने और अंकों के जोड़ गलत होने की बात भी
कही।
स्टूडेंट्स के अनुसार हम लोगों ने कॉपी देखने के लिए तीन सौ रुपये जमा
किए हैं इसके बावजूद हम लोगों से ऐसे व्यवहार किया जा रहा है मानो हम पर
एहसान किया जा रहा है।
केकेवी के छात्र
आदित्य पांडेय के अनुसार 15-15 नंबर के सवालों पर मुश्किल से एक या दो नंबर
दिए गए थे। इस बात की शिकायत जब मौके पर मौजूद शिक्षकों से की तो उनका
कहना था कि जो कहना है कोर्ट में कहो, यहां पर समय बर्बाद न करो।
पब्लिक
फाइनेंस की कॉपी देखने केबाद खुशबू रावत का कहना था कि चार-चार नंबर के
सवालों के जवाब पर केवल एक-एक नंबर दिया गया था। इस बात की शिकायत जब
शिक्षकों से की गई तो उनका कहना था कि कोर्ट में जाकर पूछो।
लखनऊ
विश्वविद्यालय के छात्र वीरू यादव के अनुसार बिजनेस लॉ की उत्तर पुस्तिका
में चार नंबर कम जोड़े गए थे और साढ़े सात नंबर का एक सवाल जांचा ही नहीं
गया था। उन्होंने अपनी शिकायत दर्ज करा दी।
उनको बताया गया है कि सोमवार को
आएं गलती सुधारी जाएगी। हितकर्ष श्रीवास्तव के अनुसार कॉपियां बहुत गलत
ढंग से जांची गई हैं मिले नंबर से बिलकुल संतुष्ट नहीं हैं।