सी-सैट को लेकर छात्रों के विरोध-प्रदर्शन के बाद भी परीक्षा में स्टूडेंट्स को कोई राहत नहीं मिली।
रविवार को संघ लोक सेवा आयोग की सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा में अपठित गद्यांश का हिंदी पार्ट इंग्लिश की अपेक्षा कठिन पूछा गया।
भाषा इतनी कठिन दी गई कि छात्रों को सवाल हल करने में काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। वहीं, इस बार पिछले वर्षों की तुलना में अनसीन पैसेज से ज्यादा सवाल पूछे गए।
इस बार ऐसे 26 सवाल आए। दूसरी ओर, रीजनिंग के सवाल भी काफी कठिन आए। इस वर्ष परीक्षा में एक नया ट्रेंड भी देखने को मिला, जहां पहली बार इतिहास से सबसे ज्यादा सवाल आए थे।
वहीं इस बार केवल नौ ही क्वेश्चन आए, जबकि कला-संस्कृति से ज्यादा सवाल पूछे गए।
इस परीक्षा में स्टूडेंट्स की सबसे बड़ी शिकायत यह थी कि अपठित गद्यांश के सबसे ज्यादा सवाल पूछे गए और लैंग्वेज कठिन होने के कारण हिंदी माध्यम के बच्चों को काफी परेशानी हुई।
पिछले वर्ष अपठित गद्यांश के 20 सवाल थे लेकिन इस बार इनकी संख्या ज्यादा थी। वहीं, सी-सैट के पेपर में इंग्लिश के छह सवाल नहीं करने थे। इसमें कुल 80 सवाल पूछे गए थे।
इंग्लिश के छह सवाल हटाए जाने के बाद स्टूडेंट्स को 74 सवाल हल करने थे। अब अगर इन छह सवालों के जवाब के नंबर दूसरे सवालों में जुड़ेंगे तो सी-सैट के एक सवाल का अंक भी बढ़ जाएगा।
हालांकि अभी तक इसके बारे में संघ लोक सेवा आयोग ने कोई नोटिफिकेशन नहीं किया है। इस बार बेसिक मैथ्स के सवाल काफी कम पूछे गए थे। वहीं, रीजनिंग के सवाल अधिक थे।
ऐसे में हिंदी भाषी छात्रों को यहां पर भी कठिनाई हुई है। रीजनिंग इंजीनियरिंग व मैनेजमेंट स्तर के स्टूडेंट्स के लिए अधिक मुफीद थी। इसके अलावा सामान्य अध्ययन में इस बार भारतीय कला एवं संस्कृति के करीब 10 सवाल पूछे गए।
बीते सालों में इससे केवल दो-चार सवाल ही होते थे। ऐसे में यहां पर ट्रेंड बदला। सबसे बड़ा फेरबदल यह देखने को मिला कि इतिहास के इस बार केवल नौ सवाल ही पूछे गए, जबकि हर बार इससे अधिक सवाल पूछे जाते हैं।
वहीं, पर्यावरण विज्ञान से जुड़े करीब 25 सवाल थे। ऐसे में हिंदी मीडियम के स्टूडेंट्स को इस बार भी सी-सैट के पेपर में कठिनाई होगी। सरकार ने इंग्लिश के सवाल हटाने को प्राथमिकता दी।
जबकि स्टूडेंट का अधिक विरोध अपठित गधांश के उल्टे-सीधे व कठिन सवाल पूछने पर थी। इस पर उन्हें कोई राहत नहीं मिली है।