एलयू में अब एडवांस रिसर्च सेंटर की स्थापना की जाएगी। इसमें नैनो टेक्नोलॉजी, इन्फॉर्मेशन एंड कम्युनिकेशन टेक्नोलॉजी व लाइफ साइंसेज सेंटर स्थापित किए जाएंगे।
इसमें स्टूडेंट्स को उच्च स्तरीय शोध करने का मौका मिलेगा। वहीं, एमटेक के इंटीग्रेटेड कोर्स भी इसमें पढ़ाए जाएंगे।
एमटेक कोर्स की पढ़ाई पहली बार यूनिवर्सिटी में शुरू करने की तैयारी है। अभी तक यहां इस तरह का कोई इंटीग्रेटेड कोर्स नहीं पढ़ाया जाता।
इसका सीधा फायदा स्टूडेंट्स को मिलेगा और वे अपना कॅरिअर और बेहतर बना सकेंगे।
लखनऊ विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. एसबी निमसे ने बताया कि प्रस्ताव पर उनकी मुख्य सचिव आलोक रंजन से वार्ता हुई है।
सरकार की मदद से एलयू में एडवांस रिसर्च सेंटर बनाया जाएगा।
डॉ. निमसे ने बताया कि यहां पर एडवांस रिसर्च सेंटर फॉर नैनो टेक्नोलॉजी, एडवांस रिसर्च सेंटर फॉर इन्फॉर्मेशन एंड कम्युनिकेशन टेक्नोलॉजी व एडवांस रिसर्च सेंटर लाइफ साइंसेज स्थापित किए जाएंगे।
इसमें वर्ल्ड क्लास रिसर्च करने की सुविधा तो होगी ही साथ ही स्टूडेंट्स को एमटेक के इंटीग्रेटेड कोर्स भी पढ़ाए जाएंगे।
उन्होंने कहा कि नैनो टेक्नोलॉजी का क्षेत्र तेजी से बढ़ रहा है। फसल कब पकेगी.. जैसी तमाम जानकारियां इस सेंटर से मिल जाएगी।
ऐसे में नैनो टेक्नोलॉजी के इस एडवांस रिसर्च सेंटर में स्टूडेंट्स व वैज्ञानिकों को उच्च स्तरीय शोध करने का अच्छा एक्सप्रोजर मिलेगा।
वहीं, इन्फॉर्मेशन एंड कम्युनिकेशन टेक्नोलॉजी पर तो खुद राज्य सरकार काफी जोर दे रही है।
राजधानी में चक गंजरिया में आईटी सिटी बनाया जा रहा है। इस क्षेत्र में भी रिसर्च की काफी संभावनाएं हैं।
डॉ. निमसे ने बताया कि एडवांस रिसर्च सेंटर को एलयू के जानकीपुरम स्थित द्वितीय कैंपस में बनाया जाएगा।
इसके लिए शासन से इन सभी सेंटरों पर रेग्युलर पोस्ट देने की सिफारिश की गई है।
कम से कम 6 से 7 पद एक सेंटर में होंगे तो हम अच्छे वैज्ञानिकों की भर्ती कर सकेंगे।
इसके अलावा यूनिवर्सिटी में अभी इंस्टीट्यूट ऑफ डवलपमेंट स्टडीज स्थापित है। यह अच्छा काम कर रहा है।
यह डवलपमेंट से जुड़े इश्यू पर बेहतर रिसर्च कर सरकार की मदद कर सकता है।
ऐसे में इसका अपग्रेडेशन किया जाएगा और यहां पर भी रेग्युलर टीचर्स के पद सरकार से मांगे जाएंगे ताकि इसे भी बेहतर ढंग से चलाया जा सके।