ईडब्ल्यूएस कोटे के तहत पहली क्लास और दूसरी के लिए लकी ड्रॉ निकाला गया। इस ड्रा में प्रदेश भर 21 जिले में 8700 बच्चों को निजी स्कूलों में दाखिला मिलेगा।
ड्रॉ में चयनित बच्चे के अभिभावक 30 अप्रैल तक अपने बच्चों का दाखिला दिलवा सकते हैं। कोटे के तहत स्कूलों में 50 फीसदी से अधिक जगह खाली है।
हरियाणा शिक्षा विभाग एक लंबे इंतजार के बाद राज्य के निजी मान्यता प्राप्त स्कूलों में आर्थिक रूप से कमजोर विद्यार्थियों के दाखिले की प्रक्रिया शुरू की है।
प्रक्रिया के पहले चरण में निजी मान्यताप्राप्त स्कूलों में कक्षा एक और दो में दाखिले के लिए आमंत्रित किए गए आवेदनों में से 21 जिलों के स्कूलों के ड्रा निकाले गए।
मौलिक शिक्षा विभाग के एक प्रवक्ता ने बताया कि हरियाणा शिक्षा नियमावली के नियम 134 ए के तहत निजी मान्यता प्राप्त स्कूलों में आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों और बीपीएल के विद्यार्थियों को दाखिले में आरक्षण देना अनिवार्य है।
इसी के तहत इन श्रेणियों के विद्यार्थियों से आवेदन आमंत्रित किए गए थे। पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट के निर्देशों के बाद हरियाणा शिक्षा विभाग लंबे समय से इस बावत कसरत कर रहा था, लेकिन बीच में कई अड़ंगे लगने के कारण काम सिरे नहीं चढ़ पा रहा था।
निजी स्कूलों ने आचार संहिता का बहाना बनाकर इस मामले में बचने का प्रयास किया था। इसके बाद कई बार दो जमा पांच मुद्दे जन आंदोलन के संयोजक सत्यवीर सिंह ने शिक्षा मंत्री के आवास पर हरियाणा राजभवन पर धरने दे चुके हैं।