दिल्ली विश्वविद्यालय में स्नातक स्तर पर शिक्षकों का मूल्यांकन करने के लिए छात्रों से फीडबैक लिए जाने की प्रशासन की योजना के विरोध में स्वर उठने लगे हैं। जहां शिक्षक संगठन योजना के विरोध में धरने पर बैठे हैं, वहीं कुछ संगठनों ने कुलपति से योजना को आगे ना ले जाने की अपील की है।
इस योजना के विरोध में शिक्षकों का तर्क है कि छात्रों से फीडबैक लेने से जहां गुरु शिष्य परंपरा समाप्त होगी, वहीं छात्र इसका इस्तेमाल शिक्षकों को परेशान करने के लिए करेंगे।
नेशनल डेमोक्रेटिक टीचर्स फ्रंट (एनडीटीएफ) इस योजना के विरोध में आर्ट्स फैकल्टी के बाहर धरने पर बैठ गया है। संगठन के उपाध्यक्ष श्री प्रकाश सिंह और महासचिव एके भागी के मुताबिक इस योजना से तदर्थ शिक्षकों को भी परेशानी होगी।
सख्ती करने से छात्र फीडबैक का गलत इस्तेमाल करेंगे जिससे नौकरी पाने में भी मुश्किल होगी। इस संबंध में संगठन ने एक मांगपत्र कुलपति को दिया है, जिसमें योजना को लागू न किए जाने की बात कही है। वहीं शिक्षक संगठन एएडी ने भी कुलपति से अपील की है कि इस योजना को लागू न किया जाए।