बच्चों के लिए आधार कार्ड बनवाना बहुत जरूरी है। ऐसे बच्चे, जो विज्ञान में रुचि रखते हैं, उनके लिए तो आधार कार्ड और भी फायदेमंद है।
इससे सरकार लगातार उन्हें ट्रैक कर सकती है। ऐसा करने से न केवल स्कूली शिक्षा बल्कि पीएचडी तक सरकारी मदद पाने के रास्ते उनके लिए खुल जाएंगे।
ये बात माध्यमिक शिक्षा सचिव जितेंद्र कुमार ने कही। वे शुक्रवार इन्सपायर अवॉर्ड योजना की द्वितीय राज्य स्तरीय प्रदर्शनी के समापन समारोह में बतौर मुख्य अतिथि शामिल हुए।
उन्होंने कहा कि स्कूल स्तर पर विज्ञान प्रदर्शनी में शामिल होने के लिए आवेदन के दौरान ही बच्चों के आधार कार्ड की सूचना दे दी जाए तो सरकार के लिए उन्हें ट्रैक कर पाना आसान हो जाएगा। विज्ञान में उच्च शिक्षा प्राप्त करने के लिए छात्रवृत्ति पाने के रास्ते खुल जाएंगे।
इसके अलावा उन्होंने इन्सपायर अवॉर्ड की राज्य स्तरीय प्रदर्शनी के आयोजन में आ रही दिक्कतों के मद्देनजर इसे दो भागों में बांटने की तैयारी के बारे में भी जानकारी दी। सचिव ने बताया कि सभी जिलों को दो वर्गों में बांटकर प्रदर्शनी का आयोजन करने की तैयारी है।
छात्राओं ने बिखेरी सतरंगी छटा
समापन समारोह की शुरुआत राजकीय बालिका इंटर कॉलेज सिंगारनगर की छात्राओं द्वारा प्रस्तुत स्वागत गीत के साथ हुआ। इसके बाद नवयुग कन्या विद्यालय की छात्राओं द्वारा प्रस्तुत राजस्थानी लोकगीत ‘म्हारे हाथा में रुमाल रे...’ पर नृत्य ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।
वहीं, राजकीय बालिका इंटर कॉलेज सिंगारनगर की छात्राओं की ओर से लोकगीत ‘घेर घेर आई सावन की बदरिया...’ पर प्रस्तुत नृत्य ने दर्शकों को बांधे रखा।
मंत्री जी ने वादा नहीं किया पूरा
बेसिक शिक्षा मंत्री रामगोविंद चौधरी ने प्रदर्शनी में शिरकत करने वाले बच्चों से किया वादा पूरा नहीं किया। उद्घाटन समारोह में उन्होंने शुक्रवार को प्रदर्शनी में पहुंचकर एक-एक मॉडल को देखने और बच्चों को पुरस्कृत करने का वादा किया था। बच्चे दिनभर मंत्री जी के इसी वादे के पूरा होना का इंतजार करते रहे।