फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

AIMPT देना है तो स्टूडेंट्स को मानने पड़ सकते हैं ये 9 'कानून'

Wed, 22 Jul 2015 12:18 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, रोहतक
विज्ञापन
विज्ञापन
एआईपीएमटी का नया शेड्यूल जारी हो गया है। सीबीएसई इस बार एग्जाम को नकल रहित बनाने में जुटा हुआ है। इसके लिए विशेषज्ञों से सुझाव लिए जा रहे हैं। इसी के तहत रोहतक के आईजी ने बेहद अहम सुझाव दिए हैं।
विज्ञापन


अगर सीबीएसई इन्हें मान लेता है तो सेंटर्स समेत स्टूडेंट्स को भी इन पर अमल करना होगा। आईजी श्रीकांत जाधव के अनुसार जांच में अभी तक जो तथ्य सामने आए हैं, उसके लिहाज से भविष्य में सतर्कता न बरतने पर ऐसे हालात दोबारा पैदा हो सकते हैं। इसलिए इन सुझावों पर सीबीएसई को अमल करना चाहिए।

ये सुझाव दिए हैं आईजी ने

- परीक्षा केंद्रों में जेमर सिस्टम लगाए जाएं ताकि इलेक्ट्रानिक डिवाइस काम न करे।
- प्रत्येक विद्यार्थी की वीडियोग्राफी कराई जाए।
- परीक्षा केंद्रों पर सीसीटीवी कैमरे लगाकर सेंट्रलाइजड मानीटरिंग कराई जाए।
- प्रत्येक परीक्षा केंद्र में राजपतित्र अधिकारियों के नेतृत्व में चेकिंग स्टाफ का गठन हो, ताकि निगरानी कराई जा सके।
- परीक्षा केंद्र के बाहर व अंदर स्पेशल ऑब्जर्वर की ड्यूटी लगाई जाए, ताकि हर प्रकार की संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखी जा सके।
- केंद्र में कलाई घड़ी न जाए और परीक्षा कक्ष में दीवार घड़ी लगाई जाए।
- छात्रों को उनके मनपसंद परीक्षा केंद्र न दिए जाएं।
- केंद्र में एडमिट कार्ड के अलावा अन्य किसी वस्तु को ले जाने की अनुमति न हो। और उन्हें
- पैन-पैंसिल परीक्षा कक्ष में उपलब्ध कराया जाए।

एग्जाम पैटर्न और सीबीएसई के निर्देश

एक बार फिर से 25 जुलाई को सीबीएसई की ओर से कराई जा रही आल इंडिया प्री मेडिकल एंट्रेस टेस्ट-2015 परीक्षार्थियों के लिए टेंशन साबित हो रही है। तीन मई को हुई परीक्षा का पेपर लीक मामले के बाद सीबीएसई के निर्देश को लेकर परीक्षार्थी असमंजस में हैं। दरअसल सीबीएसई के निर्देश के अनुसार परीक्षा केंद्रों में छात्र घड़ी नहीं ले सकेंगे।

ऐसे में परीक्षार्थियों की परेशानी ये है कि करीब 180 सवालों के जवाब तीन घंटे में देने हैं और परीक्षा में टाइम मैनेजमेंट की सबसे मुख्य होता है। जब घड़ी ही नहीं होगी तो समय का पता कैसे चलेगा। वहीं परीक्षार्थियों की मांग है कि परीक्षा केंद्रों के प्रत्येक कमरे में दीवार घड़ी हो, ताकि वे टाइम मैनेजमेंट को फॉलो करते हुए परीक्षा दे सके।

शनिवार को री-एआईपीएमटी परीक्षा होनी है। जिसका समय सुबह 10 बजे से लेकर दोपहर 1 बजे तक है। यह परीक्षा सुबह 10 बजे शुरू होगी। ऐसे में सुबह 9:30 बजे के बाद परीक्षार्थियों की एंट्री नहीं होगी।

स्टूडेंट्स ने सीबीएसई से की ये खास मांग

परीक्षार्थियों ने सीबीएसई के अधिकारियों को पत्र लिखकर मांग की है कि वे परीक्षा कक्ष में दीवार घड़ी की उपलब्धता सुनिश्चित कराएं, ताकि उन्हें समय का पता लग सके। उनका कहना है कि पिछली परीक्षा में अधिकतर केंद्रों के परीक्षा कक्षा में दीवार घड़ी नहीं थी। यही नहीं केंद्र पर पर्यवेक्षक ने भी समय के बारे में नहीं बताया था।  

दीवार घड़ी सुनिश्चित कराएं सीबीएसई: दहिया
पीजीआई के सेवानितृत्त चिकित्सक डॉ. आरएस दहिया भी परीक्षार्थियों के समर्थन में आए है। उन्होंने बताया कि परीक्षार्थियों की इस मांग को रोहतक रेंज के आईजी श्रीकांत जाधव के सामने भी उठाया गया था। दहिया ने बताया कि परीक्षार्थियों की मांग जायज है।

रोहतक ब्लैक लिस्टिड, इस बार एक भी सेंटर नहीं

एआईपीएमटी की दोबारा होने वाली परीक्षा के लिए रोहतक को ब्लैक लिस्टिड कर दिया गया है। इस बार सीबीएसई ने रोहतक में कोई भी सेंटर अलॉट नहीं किया है। जिले के सभी अभ्यर्थियों को दिल्ली सहित अन्य शहरों के सेंटरों पर रोल नंबर अलॉट किए गए हैं। ऐसे में एजुकेशन हब कहे जाने वाले रोहतक की साख पर जरूर सवाल खड़े हो गए हैं।

बता दें कि 3 मई को हुई परीक्षा के दौरान रोहतक में 18 सेंटर बनाए गए थे। अब 25 जुलाई को होने वाली परीक्षा के लिए जिले के 8640 परीक्षार्थियों को दिल्ली और बहादुरगढ़ के सीबीएसई स्कूलों में परीक्षा देने जाना पड़ेगा।

ज्यादातर परीक्षार्थी पश्चिम विहार में देंगे पेपर
देव कॉलोनी के ईशान सिवाच ने बताया कि मई में शहर के द संस्कृति स्कूल में सेंटर आया था, लेकिन अब दिल्ली के पश्चिम विहार में जाना पड़ेगा। मानसरोवर कॉलोनी निवासी दिव्यांका ने बताया कि उसका द्वारका में जिंदल पब्लिक स्कूल में सेंटर आया है।

पिछली परीक्षा में शहर का दिल्ली पब्लिक स्कूल सेंटर था। जनता कॉलोनी निवासी गंधर्व ने बताया कि दिल्ली के पश्चिम विहार में डीएवी स्कूल में परीक्षा देने जाना पड़ेगा, पहले बाबा बंदा बहादुर स्कूल में सेंटर आया था।
विज्ञापन

3 मई को हुआ‌ था एग्जाम और लीक हो गया था

सीबीएसई ने देशभर में 3 मई को पहली बार एआईपीएमटी की परीक्षा कराई। लेकिन परीक्षा के अगले ही दिन रोहतक पुलिस ने परचा लीक होने का भंडाफोड़ कर दिया। रोहतक में 4 गिरफ्तारियों के साथ ही यह भी खुलासा हो गया कि इस पूरे खेल का सरगना जिले के मदीना गांव का रहने वाला रूप सिंह दांगी है।

कड़ी दर कड़ी जुड़ती गई और एक-एक आरोपी तक पुलिस पहुंचती गई। हालांकि दांगी अभी तक पुलिस के हाथ नहीं चढ़ा है, लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने माना कि परचा लीक हुआ था। 12 जून को आए फैसले में देश की सबसे बड़ी अदालत ने सीबीएसई को दोबारा से परीक्षा कराने के आदेश दिए। रोहतक में पहले बनाए गए सेंटर के प्राचार्यों का कहना है कि री-एआईपीएमटी के लिए हमसे सेंटर की सूची मांगी गई थी। लेकिन अभी तक परीक्षा कराने के लिए कोई पत्र नहीं आया है।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें