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7 हजार टीचर्स ने 8 घंटे जाम रखा हाईवे

Mon, 22 Sep 2014 11:28 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, खरड़
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शिक्षा विभाग में शामिल करने की मांग को लेकर पंजाब भर के 7 हजार कंप्यूटर टीचरों ने रविवार दोपहर 1 बजकर 15 मिनट पर खरड़ बस अड्डे के पास हाइवे-21 पर विशाल रैली निकाली और सड़क पर जाम लगा दिया। वहीं सरकार से बात न हो पाने के चलते अध्यापक नेता आमरण अनशन पर बैठ गए। देर शाम तक पंजाब सरकार के खिलाफ नारेबाजी जारी रही।
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जाम के दौरान वाहन चालकों को भी परेशानी का सामना करना पड़ा। मौके पर मौजूद एसडीएम सुखजीत पाल सिंह, एसपी हरीपाल सिंह, शिंदरपाल सिंह, डीएसपी जगविंदर सिंह चीमा सहित अन्य अधिकारियों ने इन अध्यापक नेताओं को मनाने के भरपूर प्रयास किए, लेकिन असफल रहे।

शाम 4 बजे के करीब एसडीएम के कहने पर अध्यापक नेताओं को मनाकर एक प्रतिनिधिमंडल को डीसी से मिलवाने के लिए भी ले जाया गया। डीसी के मोहाली स्थित निवास पर उन्होंने नेताओं से कहा कि कुछ ही दिनों में वह सीएम से बैठक का समय लेकर देंगे, लेकिन इससे असहमत टीचर नेताओं ने धरना उठाने की बजाए आमरण अनशन शुरू कर दिया।
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आश्वासन मिलने पर खोला जाम

एसडीएम सुखजीत पाल सिंह ने रात 8 बजकर 55 मिनट पर आश्वासन दिया कि मंगलवार को शिक्षा मंत्री के साथ बैठक कराएंगे और सीएम से मिलने का समय दिलाएंगे।

इस आश्वासन पर टीचरों ने जाम खोला, लेकिन धरना स्थल से उठकर परमिंदर सिविया साथियों समेत मोहाली स्थित पंजाब स्कूल शिक्षा बोर्ड के बाहर मरणव्रत पर बैठ गए। उन्होंने चेतावनी दी कि संघर्ष जारी रहेगा।

क्या है कंप्यूटर टीचरों की मांगें
अध्यापक नेताओं के अनुसार उन की मुख्य मांगें कंप्यूटर अध्यापकों को बिना देरी शिक्षा विभाग में शामिल किया जाये, कंप्यूटर अध्यापकों को 01 /07 /2011 से बनते सभी लाभ दिए जाए, सीनियर सूची तैयार की जाये, नान टीचिंग आई.सी.टी. स्टाफ को रेगुलर किया जाये, जिन कंप्यूटर अध्यापकों का सेवा काल अभी ढाई साल का नहीं हुआ है उन कंप्यूटर अध्यापकों को एस.एस.ए. /रमसा अध्यापकों के बराबर वेतन दी जाये के साथ साथ जब तक उन की सभी मांगे को नहीं मान लिया जाता तब तक उन का संघर्ष इस तरह ही जारी रहेगा।
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मांगें न माने जाने तक आमरण अनशन जारी रहेगा

कंप्यूटर अध्यापकों ने शक्ति प्रदर्शन के बाद आमरण अनशन की शुरुआत भी कर दी। इसमें फ्रंट के सीनियर अधिकारी परमिन्दर सीविया आमरण अनशन पर बैठ गए हैं। उन्होंने कहा कि उन का आमरण अनशन तब तक जारी रहेगा जब तक उन को शिक्षा विभाग में शामिल नहीं कर लिया जाता के साथ साथ उनकी सभी मांगें को नहीं मान लिया जाता।

कई-कई महीने नहीं मिलता वेतन
टीचरों के अनुसार चाहे उन को रेगुलर किये चार साल हो गए हैं, परन्तु कभी भी समय पर वेतन नही मिला। हर बार उन्हें वेतन के लिए 4-4 महीनों का इंतजार करना पड़ता है। उन्होंने बताया कि एक बार तो उनको 7 महीने बाद वेतन दिया गया।

पुलिस ने विभाजित किया ट्रैफिक
जिला पुलिस प्रशासन को पूर्व सूचना थी कि टीचरों द्वारा रोष प्रदर्शन किया जाना है, जहां एक ओर पुलिस मोहाली के बलौंगी बैरियर पर सुबह से ही नाका लगाए टीचरों का इंतजार कर रही थी, वहीं खरड़ में भी पुलिस ने पूरी सतर्कता दिखाई। दोपहर एक बजे के करीब अचानक टीचरों से भरी बसे खरड़ के आसपास रुकने लगी तो पुलिस ने सारा क्षेत्र घेर लिया व यातायात को बलौंगी, लांडरा, मोरिंडा, कुराली, मुल्लांपुर व अन्य मार्गों से विभाजित कर दिया, लेकिन फिर भी जब तक हाईवे पर टीचरों ने जाम लगाया यातायात पूरी तरह प्रभावित हो चुका था।
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