आयुर्वेदिक मास्टर डिग्री एवं आयुर्वेदिक मेडिकल ऑफिसर के लिए हुई परीक्षाओं के प्रश्नपत्र पर सवाल खड़े हो गए हैं। दोनों परीक्षाओं के प्रश्न पत्रों में 62 प्रश्न एक जैसे होने का खुलासा आरटीआई से ली गई जानकारी में हुआ है। अभ्यर्थी मामले को न्यायालय ले जाने की तैयारी में हैं। लोक सेवा आयोग से तर्क दिया गया है कि समय रहते इस बात पर किसी ने कोई रि-प्रेजेंटेशन नहीं दी।
करीब एक सप्ताह पहले इन परीक्षाओं का परिणाम भी निकल चुके हैं। साक्षात्कार के लिए 7 से 11 जनवरी तक तारीख तय की गई है। 21 अगस्त को आयुर्वेदिक मास्टर डिग्री की परीक्षा एचपीयू की ओर से ली गई। 19 सितंबर को आयुर्वेदिक मेडिकल ऑफिसर की परीक्षा लोक सेवा आयोग ने ली।
एमडी की परीक्षा के प्रश्न पत्र में 200 प्रश्न हैं, जबकि एएमओ के लिए 100 प्रश्न हैं। एमडी के अभ्यर्थियों ने आरटीआई से सूचना मांगी। इसमें ऐसे 62 प्रश्न एक जैसे पाए गए हैं। परीक्षार्थियों में डा. अभिषेक, डा. नवीन शर्मा, डा. बबिता शर्मा, डा. गौरव शर्मा, डा. मुनीष भारद्वाज, डा. मनमोहन सिंह, डा. कपिल एवं डा. परमजीत ने आरोप लगाया कि इसमें चहेतों को लाभ देने जैसी धांधली नजर आ रही है।
उनका कहना है कि मामले में उचित कदम नहीं उठाया तो वे न्यायालय जाएंगे। मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह को भी ज्ञापन दिया गया है।
क्या कहते हैं अधिकारी
लोक सेवा आयोग के सचिव बीसी बडालिया ने बताया कि इसमें ऐसी कोई बात नहीं है, जिसमें कोई धांधली पाई जाए। वैसे इस पर पहले कोई रि-प्रेजेंटेशन भी आयोग के पास नहीं आई है।