हरियाणा में अध्यापकों की बीएलओ डयूटी को लेकर असमंजस बना हुआ है। करीब पांच सौ अध्यापकों ने चुनाव आयोग को ड्यूटी से इनकार कर दिया है।
अध्यापकों का कहना है कि अगर वे डयूटी देंगे तो यह सुप्रीम कोर्ट के आदेशों की अवमानना है।
सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों का हवाला देतेे हुए उनका कहना है कि केंद्र सरकार भी यह आदेश जारी कर चुकी ह्रै।शिक्षकों से स्कूल समय में डयूटी न करवाई जाए। शिक्षक नेता रामकुमार शास्त्री ने बताया कि बीएलओ की ड्यूटी संबंधित रिटर्निंग अधिकारी लगाता है।
इसमें मतदाता सूची का पुनरनिरीक्षण करना और वोट बनाने का काम शामिल है। यह आर्डर मौखिक ही आते हैं। ऐसे में शिक्षक पशोपेश में रहते हे कि आर्डर को माने या नहीं।यदि लिखित में उन्हें आर्डर दिया जाए तो चैलेंज भी कर सकते हैं। शास्त्री ने बताया कि प्रदेश के दस हजार टीचर इस काम में लगाए गए हैं।
जिसमें से पांच सौ ने लिखित में दे दिया कि वे ड्यूटी नहीं करेंगे। इसमें कुरुक्षेत्र, कैथल, करनाल, पानीपत और अंबाला के टीचर शामिल है। अन्य जिलों के टीचर को भी इस मुद्दे से जोड़ा जा रहा है।
उधर हरियाणा के अतिरिक्त मुख्य निर्वाचन अधिकारी महेश्वर शर्मा का कहना है कि शिक्षा के अधिकार कानून में भी इलेक्शन डयूटी का जिक्र है। बीएलओ डयूटी भी चुनावी ड्यूटी है। फिर भी इस मामले में सलाह ली जा रही है। इसके बाद ही इस पर कुछ निर्णय लिया जाएगा।