पहले ही संसाधनों की कमी से जूझ रहे श्रीदेव सुमन विवि से 25 नए कालेजों के संबद्ध होने पर विवि पर एक और बोझ बढ़ जाएगा।
संसाधनों का आलम यह है कि परीक्षा परिणाम घोषित करने और अंक तालिका प्रिंट करने के लिए विवि का अपना कोई सिस्टम नहीं है।
पढ़ें,सीएम राहुल की रैली में बिजी, जनता दरबार स्थगित
यही वजह है कि अगस्त में परीक्षा परिणाम घोषित होने के बाद अब इन दिनों अंक तालिका प्रिंट की जा रही है। 25 फरवरी से विवि ने डाकघरों के माध्यम से परीक्षा फार्म वितरण की व्यवस्था निर्धारित कर दी है। जब प्रथम वर्ष की अंक तालिका अभी तक अभ्यर्थियों को नहीं मिल पाई, तो वे फार्म पर क्या संलग्न करेंगे।
केवल 12 कमरों में विवि
संसाधनों के नाम पर श्रीदेव सुमन विवि के पास बादशाहीथौल में कुलपति, कुलसचिव कार्यालय के अलावा 12 कमरे है। परीक्षा संबंधी कार्यों के लिए विवि प्राइवेट कंपनियों पर निर्भर है।
पढ़ें, 'सतपाल महाराज साथ देते हैं, आशीर्वाद नहीं देते'
ऐसी स्थिति में विवि से 25 नए कॉलेजों के संबद्ध होने से विवि की व्यवस्थाएं और अधिक डगमगा जाएगी। फिलहाल 25 बीएड कालेज संबद्ध है।
इसलिए जुड़ रहे कॉलेज
गढ़वाल केंद्रीय विवि ने केंद्रीय विवि एक्ट के कारण कालेजों को नए कोर्स देने बंद कर दिए हैं। ऐसे में इन कालेजों ने अब श्रीदेव सुमन विवि से मान्यता की राह पकड़ ली है।
पढ़ें, कानून तो तमाम, फिर भी राम तेरी गंगा मैली
इसके अलावा रुड़की, हरिद्वार और देहरादून के पांच नए कालेजों ने भी विवि से मान्यता के लिए आवेदन किया है। कालेजों का निरीक्षण कर विवि ने रिपोर्ट शासन को भेज दी है। शासन से हरी झंडी के बाद नए सत्र जुलाई 2014 से कालेज विवि से जुड़ जाएंगे।