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बीटेक में छात्राओं के लिए आरक्षित 19 हजार सीटें

Mon, 24 Mar 2014 01:03 PM IST
ब्यूरो/ अमर उजाला, लखनऊ
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यूपी स्टेट एंट्रेंस एग्जाम (एसईई) के जरिए छात्राओं के लिए इंजीनियरिंग में लगभग 19 हजार सीटें आरक्षित रहेंगी।
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इसमें सामान्य श्रेणी की छात्राओं को लगभग 9,500 सीटों पर दाखिले का मौका मिलेगा। बेहतर इंजीनियरिंग कॉलेज में दाखिले के लिए एसईई में इस कोटे से छात्राओं की राह आसान हो सकती है।

गर्ल्स कोटे की क्लोजिंग रैंक उम्मीद के मुताबिक कंबाइंड रैंक से ऊपर रहेगी, ऐसे में 20 अप्रैल को होने वाली एसईई के लिए छात्राओं को कड़ी मेहनत करनी होगी।
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दरअसल, उत्तर प्रदेश टेक्निकल यूनिवर्सिटी (यूपीटीयू) के 300 से ज्यादा इंजीनियरिंग कॉलेजों में बीटेक की लगभग डेढ़ लाख सीटें हैं, जिन पर 65 फीसदी दाखिले एसईई के जरिये होंगे।

यूपी आरक्षण के मुताबिक सभी श्रेणियों में 20 फीसदी सीटें छात्राओं के लिए क्षैतिज आरक्षण (हॉरिजोंटल रिजर्वेशन) का प्रावधान हैं। एसईई के आवेदन पांच अप्रैल तक होंगे।

औसतन बीटेक में शामिल होने वाले अभ्यर्थियों में लड़कियों की हिस्सेदारी 35 फीसदी से ज्यादा है।

एसईई के जरिए सरकारी कॉलेजों में सीएस, आईटी, इलेक्ट्रॉनिक्स एंड कम्यूनिकेशन, सिविल या मैकेनिकल जैसी ब्रांच में एडमिशन के लिए छात्राओं को 5000 तक रैंक (जनरल) लानी होगी। टॉप-5 निजी कॉलेजों में गर्ल्स कोटे पर 20 हजार तक रैंक (जनरल) हासिल करनी होगी।
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हाई रहेगी क्लोजिंग रैंकएसईई काउंसलिंग में गर्ल्स कोटे की क्लोजिंग रैंक औसतन 10 फीसदी ऊपर रहेगी। टॉप कॉलेजों में सीएस जैसी ब्रांच पर गर्ल्स कोटे का लाभ लेने के लिए 1000 से 1500 तक ज्यादा रैंक लानी होगी।

उदाहरण के तौर पर किसी कॉलेज में सीएस की जनरल क्लोजिंग 4500 के आसपास है तो जनरल गर्ल्स में ये रैंक 3800 के आसपास होगी।
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