वित्त मंत्रालय के शीर्ष अधिकारी वित्तीय सेवाओं के सचिव राजीव टकरू ने फ्री एटीएम सेवाओं को बनाए रखने की वकालत की है।
उनका कहना है कि यदि एटीएम सेवाओं पर शुल्क लगाया जाता है तो बैंक काउंटरों पर ग्राहकों की भीड़ उमड़ सकती है, जो एटीएम संचालित करने की तुलना में अधिक खर्चीला है। अभी ग्राहकों को फ्री एटीएम सेवाएं मिल रही हैं।
टकरू ने कहा कि अभी तक किसी भी बैंक ने एटीएम शुल्क बढ़ाने की मांग को लेकर सरकार से संपर्क नहीं किया है। इस बाबत अंतिम फैसला रिजर्व बैंक द्वारा किया जाएगा।
एटीएम सेवाएं निशुल्क
बैंकिंग टेक्नोलॉजी एक्सपो का उद्घाटन करने के बाद राजीव टकरू ने संवाददाताओं को बताया कि जहां तक मैं समझता हूं एटीएम सेवाएं निशुल्क रहनी चाहिए।
यदि बैंक सेवाओं को खर्चीला बनाते हैं, तो बहुत हद तक संभव है कि ग्राहक बैंक खिड़की पर अधिक पहुंचेंगे। टेलर सर्विस (बैंक शाखा से ग्राहकों को नकदी देना) एटीएम सेवा की तुलना में अधिक खर्चीली है।
उन्होंने कुछ राज्यों के उस आदेश, जिनमें चौबीसों घंटे एटीएम सुरक्षा उपलब्ध को कहा गया है, पर पुनर्विचार करने की जरूरत जताई है। टकरू ने माना कि एटीएम सेवाएं वहन करने योग्य होनी चाहिए।
एटीएम का अधिक इस्तेमाल
बैंकों को इसके आर्थिक पहलू पर विचार करना होगा और ग्राहकों को एटीएम का अधिक से अधिक इस्तेमाल करने के लिए प्रोत्साहित करना चाहिए।
गौरतलब है कि पिछले साल नवंबर में बंगलूरू के एक एटीएम में कॉरपोरेशन बैंक की कर्मचारी पर हुए जानलेवा हमले के बाद कई राज्यों ने एटीएम में पूरे समय सुरक्षा उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं।
वित्त मंत्रालय के अड़गे के बाद एक बात तो निश्चित ही लगती है कि चुनावी मौसम में सरकार इस मुद्दे पर फैसला लेने से पहले कई बार सोचेगी।