विश्व बैंक के प्रेसिडेंट जिम योंग किम आगामी 11 मार्च को तीन दिनों की यात्रा पर भारत आ रहे हैं। यात्रा के दौरान वह भारत के विकास की चुनौतियों को समझेंगे और गरीबी को तेजी से दूर करने में अपनी भूमिका को बढ़ाने के अवसर की तलाश करेंगे। बीते जुलाई में विश्व बैंक के प्रेसिडेंट बनने के बाद किम का यह पहला भारत दौरा है।
खास बात यह है कि किम अपनी यात्रा के दौरान लखनऊ और कानपुर जाएंगे और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव से मुलाकात करेंगे और राज्य के विकास की चुनौतियों का जायजा लेंगे। अपनी यात्रा के दौरान वह प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह, वित्तमंत्री पी चिदंबरम, उद्योग प्रतिनिधियों के साथ सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों से भी मुलाकात करेंगे।
विश्व बैंक की ओर से जारी विज्ञप्ति के अनुसार किम अपनी भारत यात्रा को लेकर बेहद उत्साहित हैं। भारत का तेजी से शहरीकरण हो रहा है और हर साल करीब एक करोड़ लोग गांवों से शहरों में आकर बस रहे हैं। भारत के गांवों को समझने के लिए किम उत्तर प्रदेश के गांवों में भी जाएंगे और जानने कि कोशिश करेंगे गांवों से शहरों में आकर बसने के मूल कारण क्या हैं। कानपुर के दौरे में वह शहरीकरण से उपजी समस्याओं को समझेंगे।
विज्ञप्ति में कहा गया है कि भारत की करीब चौथाई शहरी आबादी झोपड़पट्टियों में बसती है जहां पानी, बिजली, सफाई, सार्वजनिक परिवहन आदि की दिक्कतें हैं। वह देखना चाहते हैं कि विश्व बैंक के किन कदमों से इन शहरों को रहने योग्य बनाया जा सकता है। भारत विश्व बैंक का सबसे बड़ा लेनदार है। 2009 से 2013 के बीच विश्व बैंक ने भारत को 52.5 अरब डॉलर (करीब 2887 करोड़ रुपये) का कर्ज दिया है।