अगले तीन साल में ऑनलाइन खरीदारों की संख्या में तीन गुना इजाफा होने की संभावना है। अभी ऑनलाइन खरीदारों की संख्या 3.5 करोड़ है, जो वर्ष 2016 में बढ़कर 10 करोड़ से अधिक हो जाएगी। यह अनुमान गूगल की ओर से जारी एक रिपोर्ट में जताया गया है।
रिपोर्ट में बताया गया है कि वर्ष 2012 में देश में ऑनलाइन खरीदारों की संख्या सिर्फ 80 लाख थी, जो पिछले दो सालों में साढ़े तीन गुने से भी ज्यादा बढ़ गई है। ई-शॉपिंग के बढ़ते दायरे के चलते 2016 तक भारत का ऑनलाइन कारोबार करीब 930 अरब रुपये (15 अरब डॉलर) के स्तर तक पहुंच जाएगा। गूगल ऑनलाइन खरीदारों के लिए 10-12 दिसंबर को ऑनलाइल सेल भी लगाने जा रही है।
रिपोर्ट के मुताबिक ऑनलाइन खरीदारों में महिलाओं की दिलचस्पी तेजी से बढ़ रही है। मेट्रो अन्य बड़े शहरों की महिलाएं ऑनलाइन खरीदारी पर पुरुषों के मुकाबले अधिक खर्च करती हैं। हालांकि देश में संख्या के लिहाज से ऑनलाइन खरीदारों में महिलाओं की हिस्सेदारी अभी 25 फीसदी ही है। रिपोर्ट के मुताबिक महिलाओं की वजह से ही वस्त्र, सौंदर्य व त्वचा से जुड़े उत्पाद, होम फर्निशिंग, शिशु उत्पाद व आभूषण जैसी वस्तुओं की ऑनलाइन मांग बढ़ रही है।
रिपोर्ट के मुताबिक 50 फीसदी ऑनलाइन खरीदारी मोबाइल फोन के माध्यम से हो रही है। रिपोर्ट में यह भी खुलासा किया गया कि 60 फीसदी लोग समाज में रुतबा जताने के लिए ऑनलाइन खरीदारी करते हैं। इसके अलावा 64 फीसदी लोग ऑनलाइन प्लेटफार्म पर उत्पादों की व्यापक रेंज उपलब्ध होने की वजह से खरीदारी करते हैं। सर्वे में 66 फीसदी लोगों ने बताया कि उन्हें खरीदारी के दौरान इंटरनेट की धीमी स्पीड की समस्या का सामना करना पड़ता है।
गूगल की रिपोर्ट में यह संभावना जताई गई है कि वर्ष 2016 तक 4 करोड़ महिलाएं ऑनलाइन खरीदारी करेंगी। रिपोर्ट के मुताबिक 50 से अधिक शॉपिंग पूछताछ मोबाइल से होती है, जबकि दो साल पहले यह आंकड़ा केवल 24 फीसदी था। रिपोर्ट के मुताबिक 67 फीसदी ऑनलाइन खरीदारों का मानना है कि खरीदे गए सामान को लौटाने की प्रक्रिया काफी जटिल और महंगी है।