आने वाले दिनों में आपको खरीदारी के लिए अपने डेबिट और क्रेडिट कार्ड की जरूरत नहीं पड़ेगी। खरीदारी के लिए आपका स्मार्टफोन ही काफी होगा।
दुनिया के प्रमुख देशों में तेजी से लोकप्रिय हो रही नियर फील्ड कम्युनिकेशंस (एनएफसी) तकनीकी को भारतीय रिजर्व बैंक भारत में लागू करने पर विचार कर रहा है। इसके संबंध में रिजर्व बैंक ने कवायद भी शुरू कर दी है।
अभी इस तकनीकी का इस्तेमाल सिडनी, लंदन, कनाडा, न्यूजीलैंड, टर्की के शहरों में तेजी से हो रहा है।
साल के अंत शुरू होगी यह स्कीम
इंडस्ट्री से जुड़े सूत्रों के अनुसार भारतीय रिजर्व बैंक नई तकनीकी के जरिए भुगतान सुविधा की शुरुआत इस साल के अंत तक शुरू करने पर विचार कर रहा है। जिसके लिए टेलीकॉम कंपनियों और दुनिया भर में पेमेंट गेट-वे देने वाली कंपनियों के साथ बातचीत की जा रही है।
आरबीआई के नए दिशा निर्देशों का इंतजार
मास्टर कार्ड वर्ल्डवाइड के साउथ एशिया डिवीजन प्रेसिडेंट अरी सरकार ने अमर उजाला को बताया कि दुनिया में नियर फील्ड कम्युनिकेशंस तकनीक तेजी से लोकप्रिय हो रही है।
सिडनी में खरीदारी के लिए करीब 47 फीसदी लोग इसका इस्तेमाल कर रहे हैं। ब्रिटेन के लंदन, कनाडा के प्रमुख शहरों में भी इसकी लोकप्रियता बढ़ रही है।
अरी के अनुसार मास्टर कार्ड भारत में इस तकनीकी को लागू करने के लिए टेलीकॉम कंपनियों के साथ काम कर रही है। उम्मीद है कि जल्द ही आरबीआई इस संबंध में नए दिशानिर्देश जारी करेगा। जिसके बाद यह सेवा शुरू हो सकेगी।
कैसे काम करती है तकनीक
एनएफसी तकनीकी के लिए स्मार्टफोन में एक ऐप का इस्तेमाल किया जाता है, जो कि डाटा एक्सचेंज करने में मदद करता है।
खरीदारी के लिए ग्राहक के डेबिट कार्ड या क्रेडिट कार्ड पर अंकित 16 अंकों वाले नंबर या उसके खाता नंबर को ऐप के जरिए लिंक किया जाता है।
उपभोक्ता जिस तरह स्वैप कर कार्ड से खरीदारी करता है, उसी तरह फोन को एनएफसी टैग वाली मशीन के पास संपर्क में लाने पर खरीदारी की जाती है।