कई दफा कहने के बावजूद अपने ग्राहक को जाने (केवाईसी) प्रक्रिया पूरी नहीं करने वाले करीब एक करोड़ उपभोक्ताओं को अब रियायती दर पर रसोई गैस सिलेंडर नहीं मिलेंगे। पेट्रोलियम मंत्रालय ने इन ग्राहकों को गैर घरेलू कीमत पर रियायती एलपीजी सिलेंडर देने का निर्णय लिया है। इस बाबत मंत्रालय की ओर से तेल कंपनियों को आदेश जारी किया जा चुका है। नए आदेश के मुताबिक ग्राहकों को प्रति सिलेंडर 410 रुपये की जगह 1156 रुपये (दिल्ली में) का भुगतान करना पड़ेगा।
मंत्रालय के एक अधिकारी ने बताया कि पिछले वर्ष 14 करोड़ 50 लाख एलपीजी उपभोक्ताओं में से करीब ढाई करोड़ को मल्टीपल कनेक्शन रखने के संदेह में केवाईसी पूरा करने के लिए कहा गया था, लेकिन अब तक एक करोड़ ग्राहकों ने इसे पूरा नहीं किया है। गौरतलब है कि 31 दिसंबर 2012 को केवाईसी पूरी करने की अंतिम तिथि थी। अधिकारी ने बताया कि सरकार केवाईसी प्रक्रिया पूरी नहीं करने वाले ग्राहकों का कनेक्शन नहीं काटना चाहती है।
इसलिए उन्हें 14.2 किलो भार वाले घरेलू सिलेंडर के लिएनॉन डोमेस्टिक कीमत चुकाने होंगे। उन्होंने बताया कि मंत्रालय के इस कदम से सालाना तीन हजार करोड़ रुपये से ज्यादा की एलपीजी सब्सिडी की बचत होगी। हालांकि गैर रियायती श्रेणी में आ चुके ग्राहकों के लिए यह विकल्प रखा गया है कि वे केवाईसी प्रक्रिया पूरी कर जल्द सब्सिडी प्राप्त ग्राहकों की फेहरिस्त में शामिल हो सकते हैं।
दूसरी ओर, मंत्रालय ने इन ग्राहकों पर कार्रवाई की योजना बनाई है। मंत्रालय ने तेल कंपनियों को यह जानने का निर्देश दिया है कि संबंधित ग्राहक केवाईसी क्यों पूरा नहीं करना चाहता है। अगर फर्जी तरीके से कनेक्शन लेने का मामला उजागर होता है तो तत्काल उनका कनेक्शन काट दिया जाएगा।