राजमार्गों पर अलग-अलग विभागों के चेक पोस्टों की जगह जल्द ही एक इंटीग्रेटेड चैक पोस्ट ले लेगी। जहां आप किसी भी विभाग से जुड़ा टैक्स जमा करा सकेंगे। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) ने इस योजना पर काम करना शुरू कर दिया है और जल्द ही इसे देश भर में लागू करने की तैयारी है। एनएचएआई की इस कवायद से सबसे ज्यादा फायदा कॉमर्शियल वाहनों को होगा, जिन्हें थोड़ी-थोड़ी दूरी पर कई तरह के झंझटों का सामना करना पड़ता है।
आर्थिक संपादकों के सम्मेलन में एनएचएआई के चेयरमैन एके उपाध्याय ने बताया कि राजमार्गों पर अलग-अलग विभाग अपनी अलग चेक पोस्ट बनाते हैं। राज्यों की सीमाओं पर कई चेक पोस्ट होने से यातायात प्रभावित होता है। इसलिए सभी तरह की चैक पोस्ट को जोड़कर सिर्फ एक चेक पोस्ट ही रखने की कोशिश की जा रही है। इस इंटीग्रेटेड चेक पोस्ट पर सभी विभागों के टैक्स जमा हो सकेंगे।
उपाध्याय के मुताबिक राजमार्गों सुरक्षा और सुविधा को बढ़ावा देने के लिए सूचना तकनीकी की मदद ली जा रही है। इसके अलावा संबंधित विभागों और राज्य सरकारों के साथ भी इस योजना को लेकर बातचीत चल रही है। इसके अलावा केंद्र सरकार टू-व्हीलर और कार व टैक्सियों पर लगने वाले आजीवन कर को भी सभी राज्यों में एकसमान करने के प्रयास कर रही है।
इस मौके पर केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री सीपी जोशी ने बताया कि वर्ष 2014 से राष्ट्रीय राजमार्गों के सभी टोल प्लाजा इलेक्ट्रॉनिक तरीके से टोल लेना शुरू कर देंगे। इससे टोल प्लाजा पर लंबी कतारों से छुटकारा मिलने की उम्मीद है।
इंफ्रास्ट्रक्चर विकास में पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप की जरूरत पर जोर देते हुए जोशी ने बताया कि पिछले एक वर्ष के दौरान 8 हजार किलोमीटर की सड़क परियोजनाओं पर काम शुरू किया गया है, जिस पर करीब 80 हजार करोड़ रुपये का निवेश होगा। उन्होंने माना कि मौजूदा आर्थिक स्थितियों में इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजनाओं के लिए पैसा जुटाना ज्यादा चुनौतीपूर्ण होता जा रहा है।