छोटे और मझोले कारोबारियों को पूंजी बाजार की ओर आकर्षित करने के लिए एसएमई एक्सचेंज के नियमों को सरल किया जा सकता है। इस संबंध में सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योग मंत्रालय देश में शुरू हुए एसएमई एक्सचेंज के प्रतिनिधियों और कारोबारियों से बात कर रहा है।
सूत्रों के अनुसार हाल ही में मंत्रालय ने इन सभी संबंधित पक्षों के साथ बैठक की। इसमें यह बात सामने आई है कि एसएमई प्लेटफार्म (मौजूदा एक्सचेंज ने एसएमई के लिए उसी एक्सचेंज पर ही प्लेटफार्म बनाया है) शुरू होने के बाद भी अभी भी छोटे और मझोले कारोबारी इसका फायदा आशा के मुताबिक नहीं उठा पा रहे हैं। ऐसे में इस बात की कवायद की जा रही है कि किस तरह से नियमों को ज्यादा सरल बनाया जाए जिससे ज्यादा से ज्यादा कारोबारी एक्सचेंज का लाभ उठा सके।
हाल ही में वित्त मंत्री पी. चिदंबरम ने कहा था कि बैंक और सेबी इस तरह के कदम उठाएं जिससे ज्यादा से ज्यादा कारोबारी पूंजी बाजार के जरिए कम लागत में पूंजी जुटा सके। सेबी भी इस संबंध में नियमों को आसान करने की बात कह रहा है। एनएसई के अलावा बीएसई ने भी एसएमई प्लेटफार्म शुरू किया है। देश के कुल विर्निर्माण क्षेत्र में 40 फीसदी से ज्यादा छोटे और मझोले कारोबारी है। जिनका देश के कुल निर्यात में 40 फीसदी से ज्यादा का योगदान है। इसके बावजूद यह कारोबारी पूंजी के लिए अभी ज्यादातर बैंकों पर निर्भर हैं।