उत्तर प्रदेश में पहली बार होने जा रही इन्वेस्टर्स कांफ्रें स (ग्लोबल पार्टनरशिप समिट) न के वल पूंजी निवेश बढ़ाने के लिहाज से राज्य के लिए एक मुफीद मौका है, बल्कि अंतरराष्ट्रीय-राष्ट्रीय स्तर पर यूपी को ब्रांड के रूप में पेश करने का अवसर है।
27 देशों के उद्योग जगत के बडे़ प्रतिनिधियों के सामने यह बताने का मौका होगा कि यह राज्य अब बदले माहौल में नई औद्योगिक नीति के जरिए निवेश का बेहतर डेस्टीनेशन बनने जा रहा है। इसके तहत, प्रदेश में इन्फ्राक्स्ट्रचर, पर्यटन, कृषि, खाद्य प्रसंस्करण, टेक्सटाइल, लेदर, परिवहन व औद्योगिक क्षेत्र में निवेश क रने पर फ्रेन्डली माहौल व तमाम रियायतों का तोहफा मिलेगा।
यूपी के नए आकर्षण यमुना एक्सप्रेस-वे, फार्मूला वन ट्रैक हैं, तो आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस-वे, लेदर सिटी, आईटी सिटी, दो इंटरनेशनल एयरपोर्ट जैसे प्रोजेक्ट भी हैं, जो तेजी से आगे बढ़ रहे हैं। यह वह खाका है जिसे प्रदेश सरकार तीन दिन की इस इस मेगा इवेंट के दूसरे दिन यानी 28 जनवरी को पेश करेगी। खास ब्रांड के रूप में पेश करने के लिए यूपी को लैंड ऑफ अपॉरच्यूनिटी बताया गया है।
आगरा में 27 से 29 जनवरी तक होने वाले इस आयोजन का उद्घाटन उपराष्ट्रपति हामिद अंसारी करेंगे। खुद मुख्यमंत्री अखिलेश यादव इस समिट में दो दिन रहेंगे। प्रदेश के मुख्य सचिव जावेद उस्मानी के नेतृत्व में 20 विभागों के प्रमुख सचिव अपने-अपने क्षेत्र में निवेश की संभावनाओं पर खास रिपोर्ट पेश करेंगे।
मुख्यमंत्री नई औद्योगिक निवेश के फैसलों का एक संकलन का विमोचन कर निवेशकों को पेश करेंगे। इसमें बताया गया कि कि स क्षेत्र में निवेश करने पर क्या सहूलियतें व रियायतें मिलेंगी। यूपी के लिए यह मौका संयोग भी है, वरना यह समिट पहले तो कोलकाता में होनी थी।