अंतर्राष्ट्रीय बाजार में एक बार फिर कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट दर्ज की है। पर भारत में अभी भी पेट्रोल की कीमतें कम नहीं हुई हैं। अंतर्राष्ट्रीय बाजार में भारतीय बॉस्टकेट के कच्चे तेल की कीमत मंगलवार को 63.87 अमेरिकी डॉलर के स्तर पर पहुंच गई। सोमवार को यह कीमत 65.60 अमेरिकी डॉलर प्रति बैरल के स्तर पर पहुंच गई थी।
पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय के तहत पेट्रोलियम नियोजन और विश्लेषण प्रकोष्ठ (पीपीएसी) की सूचना के अनुसार भारतीय बॉस्केट के लिए कच्चे तेल की अंतर्राष्ट्रीय कीमत 63.87 अमेरिकी डॉलर प्रति के स्तर पर पहुंच गई है। 5 दिसंबर को यह कीमत 66.98 अमेरिकी डॉलर प्रति बैरल थी।
बुधवार को राज्ससभा में अंतर्राष्ट्रीय बाजार में तेल की कीमत कम होने पर भी इसका लाभ जनता को न मिलने पर विपक्ष ने जमकर हंगामा किया और बाद में पूरा विपक्ष सदन से बर्हिगमन कर गया। केंद्रीय पेट्रोलियम राज्य मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के जवाब से विपक्ष सतुंष्ट नहीं था।
सीपीआई और कांग्रेस के सांसदों ने इसका विरोध किया। कांग्रेस के राज्ससभा सांसद राजीव शुक्ला ने पेट्रोलियम मंत्री की इस बात का विरोध किया कि विपक्षी दलों को तेल की कीमत करने का गणित समझ में नहीं आ रहा है।
इस पर राजीव शुक्ला ने कहा कि एक समय तेल की कीमत 115 डॉलर प्रति बैरल थी जो आज घटकर 65 डॉलर से भी नीचे आ गई है। ऐसे में क्यों अभी तक कम कीमतों का लाभ जनता को नहीं मिल रहा है।
कब मिलेगा जनता को फायदा?
जून 2014 और जुलाई 2014 के बीच में ब्रैंट क्रूड (ऑयल) की कीमत 105 डॉलर प्रति बैरल के स्तर पर थी। पर धीरे-धीरे अंतर्राष्ट्रीय बाजार में क्रूड ऑयल की कीमत कम होने लगी है। अगस्त 2014 से 8 दिसंबर 2015 तक कच्चे तेल की कीमतों में 40 फीसदी से भी ज्यादा कीमतों में गिरावट दर्ज की गई है।
कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट देखते हुए केंद्र सरकार ने दो बार एक्साइज ड्यूटी में बढ़ोतरी की है। देश के वित्त मंत्री अरूण जेटली ने मंगलवार को राज्ससभा में बताया था कि सरकार ने कच्चे तेल के आयात शुल्क में बढ़ोतरी की है। इससे सरकार को 10,500 करोड़ रुपए की आय होने का अनुमान है।
पर अभी भी सरकार ने कच्चे तेल की कीमतों में कमी नहीं की है। अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर ब्रैंट क्रूड की कीमत 1 अगस्त 2014 को 103.45 डॉलर प्रति बैरल थी। 22 अगस्त को यह कीमत घटकर 100.99 डॉलर प्रति बैरल हो गई।
अक्टूबर 2014 में ब्रैंट क्रूड की कीमत 88.66 डॉलर, 3 नवंबर को यह कीमत 84.9 डॉलर, 27 नवंबर को 72.68 डॉलर और 28 नवंबर को यह कीमत घटकर 72.58 डॉलर प्रति बैरल हो गई। एक बैरल में 158.98 लीटर तेल होता है। वर्ष 2013-14 के आकड़ों के मुताबिक भारत प्रति दिन 385,000 बैरल तेल का आयात करता है।
रुपये के संदर्भ में कच्चे तेल की कीमत 9 दिसंबर को घटकर 3952.28 रुपए प्रति बैरल हो गई, जबकि 8 दिसंबर को यह 4062.61 रुपए प्रति बैरल थी।