आयकर रिफंड और कर गणना से जुड़ी शिकायतों के लिए करदाताओं को अब एक यूनिक अक्नॉलेजमेंट नंबर मिलेगा। इससे यह सुनिश्चित होगा कि करदाताओं की शिकायतों का निपटारा दो माह के भीतर हो जाएगा।
अधिकारियों के मुताबिक, यह नंबर आयकर विभाग द्वारा करदाताओं को जारी किए जाने वाले पैन, टेन और यूनिक ट्रांजेक्शन नंबर (यूटीएल) जैसे मौजूदा यूनिक नंबरों से अलग होगा।
केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (सीबीडीटी) ने देशभर में अपने मुख्य आयुक्तों से करदाताओं को यह नई सुविधा तत्काल प्रभाव से सुनिश्चित कराने को कहा है।
सूत्रों के मुताबिक, सीबीडीटी ने इन निर्देशों को पांच जुलाई को जारी किया है। हाल ही में दिल्ली हाईकोर्ट ने आयकर कानून की धारा 154 के तहत करदाताओं द्वारा भरे गए ‘संशोधन आवेदनों’ की प्राप्तियां और निपटान को लेकर विभाग द्वारा बेहतर प्रणाली तैयार करने के संबंध में आदेश जारी किया था।
बोर्ड ने अदालत के इस आदेश के बाद यह निर्देश जारी किया है। सीबीडीटी आयकर विभाग के लिए नीतियों एवं नियमों का निर्धारण करता है।
आयकर विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी का कहना है कि यदि करदाता संशोधन के लिए साधारण डाक, स्वयं या ऑनलाइन आवेदन करता है, तो विभाग का रिसिप्ट काउंटर करदाता को एक विशेष एवं यूनिक अक्नॉलजमेंट नंबर उपलब्ध कराएगा।
इस यूनिक नंबर से यह सुनिश्चित हो सकेगा कि करदाता की समस्या का समाधान एक तय समय-सीमा में हो जाएगा। करदाता विभाग के साथ आगे किसी भी तरह के संवाद के लिए इस यूनिक नंबर का उल्लेख कर सकते हैं।