वित्त मंत्री पी. चिदंबरम के बजट की तारीफ करते हुए अंतरराष्ट्रीय क्रेडिट एजेंसी मूडीज ने इसे देश की मौद्रिक साख में सुधार लाने में सहायक बताया है। मूडीज ने भारत के लिए अपना क्रेडिट आउटलुक जारी करते हुए कहा है कि बजट में देश में वित्तीय सुदृढ़ता लाने पर जोर दिया गया है, जो कि अर्थव्यवस्था की रेटिंग को सुधार सकता है।
मूडीज ने कहा कि चिदंबरम ने अपने बजट में देश के वित्तीय घाटे को सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) के 5.2 फीसदी (चालू वित्त वर्ष का संशोधित अनुमान) से घटाकर वित्त वर्ष 2013-14 में 4.8 फीसदी के स्तर पर लाने का लक्ष्य निर्धारित किया है।
जीडीपी की रफ्तार में दिखाई दे रही सुस्ती और चुनाव को ध्यान में रखते हुए देखा जाए, तो यह एक बेहतर कदम है। वित्तीय सुदृढ़ता पर जोर देने का यह कदम मौद्रिक साख में सुधार की ओर बढ़ाने वाला है। यह अर्थव्यवस्था में उभरते असंतुलन को संतुलित करने वाला कदम है। मूडीज ने कहा कि बजट में वित्तीय मजबूती पर जोर दिया जाना मौद्रिक नीति में लचीलापन के लिहाज से भी सहायक होगा। जिससे कि आखिरकार आर्थिक विकास दर को बढ़ावा मिलेगा।
हालांकि मौद्रिक समीक्षा में नरम रुख अपनाने का निर्णय आरबीआई द्वारा सरकार के आर्थिक व वित्तीय कदमों के आकलन पर निर्भर करेगा। गौरतलब है कि मूडीज ने फिलहाल भारत को बीएए-3 की रेटिंग दे रखी है, जिसके मुताबिक यहां निवेश किया जा सकता है और देश के आर्थिक परिदृश्य में स्थिरता की संभावना है। इससे पहले स्टेंडर्ड एंड पूअर (एसएंडपी) और फिच देश की मौद्रिक साख को कबाड़ (जंक) की श्रेणी में डालने की चेतावनी दे चुकी हैं।