सरकार अपनी आमदनी में बढ़ोतरी और खर्चों में कटौती कर राजकोषीय घाटे को 5.3 फीसदी पर सीमित रखने की कोशिश करेगी। वित्तमंत्री पी. चिदंबरम ने कहा कि केलकर समिति ने इस वित्तीय वर्ष में इसके 6.1 फीसदी पर रहने का आकलन दिया है, लेकिन सरकार अपनी हरसंभव कोशिश करेगी कि इसे 5.3 फीसदी पर नियंत्रित रखा जाए।
चिदंबरम ने कहा कि 5.3 फीसदी का लक्ष्य बड़ा ही चुनौतीपूर्ण है लेकिन ऐसा भी नहीं है कि इसे हासिल न किया जा सके। इसे हासिल करने का मंत्र होगा अधिक से अधिक राजस्व का संग्रह और खर्चों पर नियंत्रण। आर्थिक चुनौतियों के मद्देनजर विभिन्न राजनीतिक दलों से बात करते हुए वित्तमंत्री यह बात कही।
चिदंबरम ने कहा कि कोई भी देश अपने संसाधनों के बगैर नहीं चल सकता। जिन देशों ने अव्यावहारिक कर्ज लिया है वे संकट में हैं। चालू खाते के घाटे को पाटने के लिए संजीदा कदम उठाए जाएंगे जिनमें विदेशी प्रत्यक्ष निवेश और विदेशी संस्थागत निवेश को बढ़ावा देना शामिल होगा।