नए वित्तीय वर्ष की शुरुआत के साथ ही प्रदेश में शराब सस्ती हो जाएगी। नई आबकारी नीति एक अप्रैल से प्रदेश में लागू हो रही है। इसके तहत प्रदेश में शराब पर वैट 32.5 प्रतिशत से घटकर 20 प्रतिशत हो जाएगा।
इसके साथ ही एक अप्रैल से बजट प्रावधान लागू होने के कारण महिलाओं के नाम 20 लाख की जमीन रजिस्ट्री में 25 प्रतिशत स्टांप शुल्क में छूट भी लागू होगी।
नई आबकारी नीति के तहत शराब पर वैट कम करने के पीछे सरकार ने अन्य प्रदेश की तुलना का तर्कदिया था। कहा गया था कि अन्य प्रदेशों की तुलना में उत्तराखंड में शराब महंगी है।
लिहाजा इससे तस्करी को बढ़ावा मिल रहा है। प्रदेश सरकार का तर्क जो भी हो, इतना जरूर है कि प्रदेश में मदिरा प्रेमियों को अपना शौक पूरा करने के लिए जेब कम ढीली करनी होगी।
दूसरी ओर स्थानीय स्तर पर माइक्रो ब्य्रूवरी या फलों से बनने वाली शराब पर भी टैक्स महज पांच प्रतिशत का रह जाएगा। पहले इस पर 32.5 प्रतिशत वैट था। बजट में राज्य सरकार ने यह वैट कम करने का फैसला किया था।
महिलाओं के नाम पर 15 लाख रुपये तक की जमीन रजिस्ट्री में अभी तक प्रदेश में 25 प्रतिशत तक की स्टांप शुल्क में छूट का प्रावधान है। इस बार बजट मे प्रदेश सरकार ने यह सीमा बढ़ाकर 20 लाख रुपये कर दी थी। यह प्रावधान भी एक अप्रैल से लागू होगा।