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इस बार 114 साल में तीसरा सबसे सूखा जून

Tue, 01 Jul 2014 08:58 AM IST
अजीत सिंह / अमर उजाला दिल्ली
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इस साल मानसून की बेरुखी ने जून को बारिश के लिए तरसा दिया। पिछले 114 वर्षों के बारिश के इतिहास में इस साल तीसरा सबसे सूखा जून गुजरा है। महीने भर मानसून का इंतजार चलता रहा लेकिन सिर्फ 92.4 मिमी बारिश नसीब हुई, जो सामान्य से 43 फीसदी कम है। सन 1901 के से अब तक सिर्फ दो बार जून में इतनी कम बारिश हुई है। हालांकि, मौसम विभाग ने जुलाई के पहले हफ्ते में मानसून सक्रिय होने की उम्मीद जताई। लेकिन खुद मौसम विभाग के आंकड़े बताते है कि पिछले 100 वर्षों में इक्का-दुक्का मौकों पर ही जून में इतनी कम बारिश के बाद मानसून सामान्य रहा है।
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इस साल वर्ष 2009 के बाद जून में सबसे कम बारिश हुई है। जून, 2009 में 85.7 मिमी बारिश हुई थी और उस साल भयंकर सूखा पड़ा। इससे पहले 1905 में भी 88.7 मिमी बारिश दर्ज की गई थी। इन दो मौकों के अलावा कभी जून में इतनी कम बारिश नहीं हुई है। मौसम विभाग के आंकड़ों के मुताबिक, देश के 36 भौगोलिक इलाकों में 34 इलाके बारिश की किल्लत से जूझ रहे हैं। देश का अनाज भंडार भरने वाले उत्तर-पश्चिमी भारत में सामान्य से 55 फीसदी और मध्य भारत में सामान्य से 61 फीसदी कम बारिश हुई है।

गुजरात, महाराष्ट पर सबसे ज्यादा मार
सूखे की आशंका को नकार रहे मौसम विभाग और सरकार की नींद जून के कमजोर मानसून ने उड़ा दी है। गुजरात में सामान्य से 91 फीसदी और मराठवाडा में सामान्य से 79 फीसदी कम बारिश हुई है। यही हाल पश्चिमी यूपी और पंजाब का है। यहां सामान्य से 69 और 51 फीसदी कम बारिश रही।
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सूखे का संकट टलने के आसार कम
पिछले करीब सौ साल में इक्का-दुक्का मौकों पर ही जून में बेहद कम बारिश के बाद हालात सामान्य हुए हैं। सन 1926 में जून में सामान्य से 48 फीसदी कम बारिश हुई थी, लेकिन अगस्त में सामन्य से 33 फीसदी ज्यादा बारिश ने सूखे का संकट टाल दिया। लेकिन वर्ष 2009 और 1905 में जब जून बेहद सूखा रहा तब जुलाई-अगस्त में भी स्थिति कोई खास नहीं सुधरी।
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