वित्त मंत्री अरुण जेटली ने विदेशी निवेशकों से कहा है कि सरकार की सुधार प्रक्रिया किसी एक या दो निर्णय तक सीमित नहीं है, बल्कि यह एक सतत प्रक्रिया है। इसके तहत कुछ महत्वपूर्ण फैसले हो चुके हैं जबकि आगे भी इस तरह के निर्णय होते रहेंगे।
वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम द्वारा नई दिल्ली में आयोजित इंडिया इकोनॉमिक समिट के उद्घाटन सत्र को संबोधित करते हुए जेटली ने कहा कि भारतीय अर्थव्यवस्था को अभी एक लंबी यात्रा पूरी करनी है। यहां सरकार ने जो सुधार प्रक्रिया शुरू की है, वह कोई एक या दो फैसलों तक सीमित नहीं है। इसके तहत फैसलों का एक सिलसिला चलेगा और यह सतत चलता रहेगा। अर्थव्यवस्था की समस्याओं का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि इसके समाधान के लिए कोई एक उपाय प्रभावी नहीं होगा बल्कि इसके लिए सब ओर से प्रयास करने होंगे।
पिछले कुछ महीने में शुरू किए गए सुधार कार्यों का जिक्र करते हुए जेटली ने कहा कि इस समय श्रम से संबंधित सुधार पर काम चल रहा है। ऐसा इसलिए ताकि यहां उद्योग और कारोबारी जगत के लिए मित्रवत माहौल बनाया जा सके। इससे ज्यादा से ज्यादा लोगों को रोजगार उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी और भारत भी चीन जैसी आर्थिक महाशक्ति बन सकेगा। उन्होंने कहा कि कारोबारी माहौल बेहतर बनाने के लिए लालफीताशाही को भी दूर किया जा रहा है।
पिछले सरकार के कार्यकाल में पारित भूमि अधिग्रहण कानून के बारे में जब उनकी प्रतिक्रिया पूछी गई तो उन्होंने बताया कि सरकार का प्रयास उद्योग जगत की परेशानी दूर करना है। इस कानून में जो मुआवजा बढ़ाने की बात है, उस पर उन्हें कोई आपत्ति नहीं है। लेकिन निजी क्षेत्र के उद्यमियों द्वारा स्थापित किए जाने वाले स्कूलों, होटलों और अस्पतालों के लिए सरकार द्वारा भूमि अधिग्रहण नहीं किए जाने के प्रावधान से वह अवश्य चिंतित हैं। यदि ऐसे प्रावधान बरकरार रहे तो देश में 100 नए स्मार्ट शहर बनाने में दिक्कत होगी।
सब्सिडी से संबंधित एक सवाल पर उन्होंने बताया कि भारत जैसे गरीब देश से सब्सिडी को खत्म करना संभव नहीं है। यहां अमीर गरीब सभी बेहतर जीवन व्यतीत कर सके, इसके लिए कुछ क्षेत्र में सब्सिडी आवश्यक है। हालांकि कुछ गैर जरूरी क्षेत्र में सब्सिडी हटाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है और अन्य क्षेत्र में इसे युुक्तिसंगत बनाने का प्रयास किया जा रहा है। सरकार द्वारा अब तक उठाए गए कदमों पर उन्होंने संतोष जताते हुए कहा कि यह ठीक है और इसी को और आगे बढ़ाया जाएगा।