बिजली संकट से जूझ रहे देश को एक बार फिर मोदी सरकार ने भरोसा दिलाया है कि वह 24 घंटे हर घर को बिजली देने का वादा पूरा करेगी। ऊर्जा मंत्री पीयूष गोयल के अनुसार पिछली सरकार से उन्हें समस्याएं विरासत में मिली हैं। इसके बावजूद बिजली क्षेत्र में सुधार के लिए सभी बुनियादी कदम पिछले 100 दिनों में उठाए गए हैं। गोयल के अनुसार सरकार कोयले का उत्पादन बढ़ाने से लेकर, पुराने प्लांट के आधुनिकीकरण सहित गैर परंपरागत ऊर्जा के तरीकों को बढ़ावा देने के सभी कदम उठा रही है।
रविवार को अपने 100 दिनों के काम-काज का लेखा-जोखा पेश करते बिजली, कोयला और नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय के मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि जून से अगस्त के दौरान कोयले के जरिए 21 फीसदी बिजली का उत्पादन बढ़ा है, जो कि रिकॉर्ड है। बारिश कम होने की वजह से सरकार ने कोयला आधारित बिजली उत्पादन पर जोर दिया है।
गोयल के अनुसार सरकार बुनियादी समस्याओं को दूर करने की कोशिश कर रही है। इसके तहत कोल इंडिया 5,000 करोड़ रुपये में 250 अतिरिक्त रेल रैक खरीदेगी। जिससे कोयले की आपूर्ति मेें बाधा न रहे। इसके अलावा कोल लिंकेज को भी तर्कसंगत बनाया जा रहा है, जिससे लागत में कमी आ सके। गोयल ने मजबूत कोयला नियामक की भी वकालत की है। केंद्र सरकार ने साल 2019 तक एक अरब टन कोयला उत्पादन का लक्ष्य रखा है।
गांवों में बिजली आपूर्ति प्राथमिकता
पीयूष गोयल के मुताबिक 4,300 करोड़ रुपये की लागत से दीनदयाल उपाध्याय ग्राम ज्योति योजना लागू की जा रही है। जिसके तहत कृषि क्षेत्र और घरेलू जरूरतों के लिए अलग से फीडर बनाया जाएगा।
पुराने प्लांट का होगा आधुनिकीकरण
देश में 25 साल से ज्यादा पुराने करीब 32,500 मेगावाट क्षमता के प्लांट हैं, जिनका आधुनिकीकरण करने की सरकार ने योजना तैयार की है। इसके लिए राज्य सरकार के प्लांट के साथ निजी क्षेत्र के प्लांट केंद्र सरकार के साथ मिलकर काम कर सकेंगे।
राजस्थान, दिल्ली और आंध्रप्रदेश में 24 घंटे बिजली
गोयल ने कहा कि बिजली संकट को दूर करने के लिए 17-18 राज्यों से बातचीत हो रही है। इसके तहत फिलहाल राजस्थान, दिल्ली और आंध्रप्रदेश में 24 घंटे बिजली आपूर्ति का रोडमैैप तैयार किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि राज्य के विद्युत बोर्ड करीब 2.5 लाख करोड़ रुपये के घाटे में हैं, साथ ही उन पर 3 लाख करोड़ रुपये का कर्ज है। ऐसे में सरकारों के साथ मिलकर समस्याओं को दूर करने की कोशिश की जा रही है।