बंगलूरू/मुंबई। इनफोसिस के चार संस्थापकों ने 1 अरब डॉलर (6,484 करोड़ रुपये) से अधिक मूल्य के अपने शेयर बेच दिए। शेयर बेचने वालों में नारायण मूर्ति, नंदन नीलेकणी, डी. शिबूलाल, के. दिनेश और उनके परिवार के सदस्य शामिल हैं। कंपनी प्रबंधन से सभी मूल प्रवर्तकों के बाहर निकलने और विशाल सिक्का के पहले बाहरी सीईओ बनने के महीनों के भीतर शेयरों की यह बिक्री हुई है।
चारों संस्थापकों ने अपनी अंशधारिता के कुछ हिस्से की बिक्री उद्यमशीलता और परोपकार से जुड़ी गतिविधियों के लिए की है। संस्थापकों के इस कदम से कंपनी के शेयर मूल्य में करीब 5 फीसदी की गिरावट आई। मूर्ति, नीलेकणी, दिनेश और उनके परिवार कुछ सदस्य एवं शिबुलाल की पत्नी ने कई सौदों के जरिए 3.26 करोड़ शेयरों (कंपनी में 5.5 फीसदी से अधिक शेयर) की बिक्री की।
वर्तमान में 2.25 लाख करोड़ रुपये की मार्केट वैल्यू वाली इनफोसिस की स्थापना इन चारों प्रवर्तकों सहित सात इंजीनियरों ने 1981 में महज 250 डॉलर जुटाकर की थी। पिछली तिमाही के आखिर तक सभी प्रवर्तकों की साझा हिस्सेदारी 15.95 फीसदी थी।
इस सौदे को पूरा कराने वाली दाइचे इक्विटीज इंडिया के मुताबिक शेयरों की बिक्री घरेलू एवं विदेशी संस्थागत निवेशकों को 1988.87 रुपये के औसत मूल्य पर की गई।