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मल्टीब्रांड रिटेल में टाटा के साथ होगी टेस्को की एंट्री

Wed, 18 Dec 2013 02:21 AM IST
अमर उजाला, दिल्ली
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दुनिया के तीसरे सबसे बड़े रिटेलर टेस्को ने भारत के मल्टीब्रांड क्षेत्र में उतरने का फैसला किया है। इसके लिए टाटा समूह की रिटेल कंपनी ट्रेंट हाइपरमार्केट लिमिटेड को भागीदार चुना है।
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मंगलवार को विदेशी निवेश संवर्धन विभाग (डीआईपीपी) को मिले प्रस्ताव के अनुसार, टेस्को एफडीआई के जरिए ट्रेंट में 50 फीसदी हिस्सेदारी खरीदेगी। ब्रिटिश रिटेलर इस साझेदारी में 11 करोड़ डॉलर का निवेश करना चाहता है। टेस्को के स्टोर की शुरुआत महाराष्ट्र और कर्नाटक से होगी। इस प्रस्ताव को जल्द ही वाणिज्य मंत्रालय की मंजूरी मिलने की उम्मीद है।

पिछले साल मल्टीब्रांड रिटेल में एफडीआई का रास्ता खुलने के बाजवूद कोई विदेशी रिटेलर भारतीय बाजार में नहीं उतरा है। सरकार चुनाव से पहले टेस्को की एंट्री कराकर इस नाकामी को दूर करना चाहती है। टेस्को के प्रस्ताव पर वाणिज्य मंत्री आनंद शर्मा का कहना है कि इससे भारतीय रिटेल उद्योग में बदलाव की एक नई शुरुआत होगी। उन्होंने उम्मीद जताई कि बाकी रिटेलर भी भारत में निवेश करने पर विचार करेंगे।
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टाटा समूह का कहना है कि यह साझेदारी महाराष्ट्र और कर्नाटक में ट्रेंट के मौजूदा स्टोर के विस्तार के लिए की जा रही है। ट्रेंट के वाइस चेयरमैन नोएल टाटा ने बताया कि भारतीय बाजार के बारे में टाटा की समझ और वैश्विक रिटेल में टेस्को की विशेषज्ञता इस साझेदारी से जुड़े सभी लोगों को फायदा पहुंचाएगी। ट्रेंट के पास 16 स्टोर हैं।

सरकार पिछले साल मल्टीब्रांड रिटेल में 51 फीसदी प्रत्यक्ष विदेशी निवेश की छूट दे चुकी है। इस छूट के बाद भारत में वालमार्ट की एंट्री तय मानी जा रही थी। लेकिन वालमार्ट के लॉबिंग के आरोपों में घिरने और फिर भारती रिटेल के साथ उसकी साझेदारी टूटने से इन उम्मीदों को बड़ा झटका लगा था। लेकिन टेस्को का प्रस्ताव मल्टीब्रांड रिटेल में सरकार की नीति को धराशायी होने से बचा सकता है।

टाटा और भारत से है पुराना नाता
ब्रिटिश रिटेलर टेस्को के लिए भारतीय बाजार और टाटा समूह नया नहीं है। टेस्को ने वर्ष 2008 में स्टार बाजार हाइपर स्टोर को बैंक एंड स्पोर्ट देने के लिए टाटा समूह के साथ साझेदारी की थी। टेस्को हिन्दुस्तान सर्विस सेंटर नाम से टेस्को का बंगलूरू में एक सपोर्ट सेंटर भी है, जो 12 देशों में फैले टेस्को के रिटेल बिजनेस को सेवाएं मुहैया कराता है।

14 देशों में है टेस्को का कारोबार
करीब 115 अरब डॉलर के सालाना टर्नओवर वाले ब्रिटिश रिटेलर टेस्को का कारोबार 14 देशों में फैला है। करीब 6,600 रिटेल स्टोर के अलावा टेस्को ऑनलाइन रिटेल में भी सक्रिय है। कंपनी में 5 लाख से ज्यादा कर्मचारी हैं। यूरोप के अलावा टेस्को चीन, दक्षिण कोरिया, मलेशिया थाईलैंड और तुर्की जैसे बाजार में पहुंच बना चुका है।

फूड प्रोडक्ट की रिटेलिंग में माहिर
टेस्को के एफडीआई प्रस्ताव के मुताबिक, कंपनी फल-सब्जियां, मसालों, पॉलट्री उत्पादों, बेकरी व डेयरी प्रोडक्ट की रिटेलिंग में महारथ हासिल है। इसके अलावा टेस्को का जोर टेक्सटाइल, फर्नीचर, फुटवियर और इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की बिक्री पर भी रहेगा।

रिटेल नीति नहीं बनेगी बाधा
मल्टीब्रांड रिटेल नीति की जिन शर्तों पर दिग्गज रिटेल कंपनियां आपत्ति जाहिर कर चुकी हैं, वे टेस्को और टाटा की डील में बाधा नहीं बनेगी। अपने प्रस्ताव में टेस्को ने कहा है कि मल्टीब्रांड रिटेल में एफडीआई नीति की सभी शर्तों को पूरी तरह पालन किया जाएगा। गत मई में टेस्को के सीईओ फिलिप क्लार्क और ट्रेंट के वाइस चेयरमैन नोएल टाटा इन शर्तों को समझने के लिए वाणिज्य मंत्री आनंद शर्मा से मिल चुके हैं।
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टेस्को पीलसी: ब्रिटिश कंपनी
- टेस्को का कारोबार इंग्लैंड, अमेरिका, चीन, भारत, मलयेशिया, कोरिया, चेक गणराज्य, हंगरी, आयरलैंड, पोलैंड, स्लोवाकिया, थाईलैंड और टर्की में है।
- टेस्को पीएलसी की स्थापना 1919 में लंदन में हुई, फिलहाल दुनिया भर में करीब 5,30,000 लोगों को समूह से मिल रहा है रोजगार।
- 2012-13 में टेस्को पीएलसी ने किया 7236.30 करोड़ पाउंड लगभग 7,23,630 करोड़ रुपये का ग्लोबल कारोबार।
- टेस्को ग्लोबल ग्रॉसरी और जनरल मर्केन्डाइज रिटेलर है जो वित्तीय सेवाएं भी प्रदान करती है।
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